एडीजे संतोष कुमार तिवारी ने जानलेवा हमले के मामले में नीलू उर्फ शचींद्र और तोते उर्फ विमलेश निवासी सोनपुरा थाना आसपुर देवसरा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की कुल राशि का 50 प्रतिशत घायल कमलेश को प्रतिकर के रूप में भुगतान किया जाएगा। आरोपियों के हमले से कमलेश दिव्यांग हो गया है।
घटनाक्रम के अनुसार वादी त्रिभुवननाथ उपाध्याय निवासी सोनपुर ने आसपुर देवसरा थाने में 6 सितंबर 2000 को मुकदमा दर्ज कराया कि सुबह लगभग नौ बजे वह गांव के काली सहाय का छप्पर उठवाने के बाद घर आ रहे थे। रास्ते में घात लगाए बैठे नीलू और तोते ने उस पर कट्टे से फायर कर दिया। इस दौरान गोली लगने से कमलेश निवासी सोनपुरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
एडीजीसी रवींद्र बहादुर सिंह ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पीड़ित का पक्ष रखते हुए कहा कि गोली लगने से घायल हुआ कमलेश दिव्यांग हो गया है। जिससे उसका जीवन अंधकारमय नजर आ रहा है। अधिवक्ता की दलील से सहमत कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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