अपर जिला जज प्रथम एहसान उल्लाह खान ने हत्या के दोषी थाना आसपुर देवसरा के एलाही गांव निवासी भरतलाल मिश्रा, बैजलपुर गांव निवासी अनिल मिश्रा, तेलियानी गांव निवासी विजय सिंह व प्रयागराज के मेजा निवासी शिवराम निषाद को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की धनराशि से 90 हजार रुपये मृतक की पत्नी को देने का कोर्ट ने आदेश दिया।
थाना आसपुर देवसरा के एलाही गांव निवासी संजू सिंह ने बताया कि घटना 22 अगस्त 2007 की सुबह 10 बजे की है। उनके पति जितेंद्र सिंह मछली पालने के लिए तालाब का पट्टा कराना चाह रहे थे। घटना के पहले पट्टी तहसील के मछली विभाग के इंस्पेक्टर शिवराम वर्मा उनके घर आकर रात भर रुके थे। दूसरे दिन सुबह उनके पति व इंस्पेक्टर शिवराम वर्मा घर से एक साथ पट्टी जाने के लिए निकलने वाले थे।
उसी समय गांव के ही भरत लाल मिश्रा व बैजलपुर निवासी अनिल मिश्रा भी आ गए। सभी लोग एक साथ पट्टी चले गए। शाम को नहर से होकर सभी एलाही गांव को ओर आ रहे थे। उस रात उनके पति घर नहीं आए। पति जब घर नहीं लौटे तो खोजबीन की, लेकिन उनका पता नहीं चला। उसी दिन वह अपनी गाय जंगल में चराने के लिए बांधने गई थीं। शाम को गाय वापस लाने के लिए बेटी रीना संग जंगल गईं।
गाय को जैसे उन्होंने छोड़ा तो वह भागकर एक गड्ढे के पास पहुंच गई। उसे पकड़ने के लिए जब वह भी गड्ढे के पास गईं तो देखा कि पति का शव गड्ढे पड़ा था। वहां पर विजय सिंह भी मौजूद था। जब मैं रोने लगी तो विजय सिंह वहां से भाग गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी राकेश प्रताप सिंह ने की।