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किसान सम्मान निधि : अब तक सवा आठ सौ अपात्रों से साठ लाख की रिकवरी

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Kisan Samman Nidhi: Recovery of sixty lakhs from eight hundred ineligible so far
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जिले में अपात्र होने के बाद भी फर्जीवाड़ा कर किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक करीब सवा आठ सौ लोगों से साठ लाख रुपये की रिकवरी की गई है। कृषि विभाग के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर रिकवरी का नोटिस थमा रहे हैं। इससे हड़कंप मचा है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ जिले में बड़ी संख्या में अपात्र भी ले रहे हैं। राजस्व विभाग की अनदेखी की वजह से ऐसे लोगों का भी डाटा फीड करा दिया गया, जो टैक्स की अदायगी करते थे। ऐसे लोग किसान सम्मान निधि की धनराशि ले रहे थे। आयकर विभाग ने आधार कार्ड से मिलान कर ऐसे करीब 5000 लोगों को चिह्नित करते हुए कृषि विभाग को सूची मुहैया कराई थी। इस पर कृषि विभाग की तरफ से सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
अपात्रों के घरों पर नोटिस पहुंचने से हड़कंप मच गया है। सदर, कुंडा, रानीगंज, पट्टी और लालगंज तहसील क्षेत्र के 827 अपात्र लोगों से अभी तक करीब साठ लाख की रिकवरी की गई है। वहीं, जिले के चार हजार किसान ऐसे भी हैं, जो पात्रता के बावजूद अभी तक सम्मान निधि का इंतजार कर रहे हैं।
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दूसरे चरण में इन पर कसेगा शिकंजा
पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे अपात्रों पर विभाग चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर रहा है। पहले चरण में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जबकि दूसरे चरण में भूमिहीन, मृतक और एक परिवार में दो लोगों के लाभ लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की कुंडली तैयार की जा रही है।
किसान सम्मान निधि के लिए यह माने गए हैं अपात्र
खेती किसानी करने वाले मंत्री, सांसद, विधायक, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, आयकरदाता और 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले लोग किसान सम्मान निधि के लिए अपात्र माने गए हैं। चतुर्थ श्रेणी या समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण से रुकेगा फर्जीवाड़ा
अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अपात्र नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही इसमें होने वाला फर्जीवाड़ा भी रोका जाएगा। शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण यानि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शासन ने अब किसानों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नियमित लेने के लिए ई-केवाईसी कराना होगा। जो किसान ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उनका नाम पात्रता सूची से हटा दिया जाएगा।
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