प्रतापगढ़ : सहकारी बैंक के लॉकर से चोरी के मामले में पूछताछ करते एसपी सतपाल अंतिल।
- फोटो : अमर उजाला।
जिला सहकारी बैंक की मुख्य शाखा के लॉकर से पूर्व बैंक अधिकारी की पत्नी के 70 लाख रुपये के जेवरात बदल दिए गए। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रबंधक व कैशियर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। लॉकर से लाखों रुपये के जेवरात गायब होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी जांच करने पहुंचे। नगर कोतवाली के दहिलामऊ उत्तरी निवासी सुनीता सिंह ने वर्ष 1998 में जिला सहकारी बैंक के लॉकर में करीब 70 लाख रुपये के जेवरात रखे थे। उस समय उनके पति अमरेश प्रताप सिंह बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सुनीता उनकी दूसरी पत्नी हैं।
नौकरी के दौरान ही अमरेश सिंह की मौत हो गई। जिसके बाद उनकी पहली पत्नी के बेटे अखिल प्रताप सिंह को बैंक में कैशियर के पद पर नौकरी मिल गई। सुनीता का आरोप है कि उसने वर्ष 2017 में लॉकर खोलकर चेक किया था। लॉकर में पूरे जेवरात थे। इस बीच लॉकर की चाबी गायब हो गई। सुनीता लॉकर खुलवाकर जेवरात देखना चाहती थीं, मगर बैंक के प्रबंधक व कैशियर हीलाहवाली कर रहे थे। शिकायतों के बाद शुक्रवार को वाराणसी से गोदरेज कंपनी के इंजीनियर पहुंचे। प्रबंधक व सुनीता की मौजूदगी में लॉकर खोला गया था। लॉकर में मिले जेवरात देखने के बाद सुनीता के पैरों तले जमीन खिसक गई।