पंचायत चुनाव में सत्ता के दुुरुपयोग और देवसरा ब्लॉक के चुनाव में हुए बवाल में फर्जी मुकदमे लादने का आरोप लगाते हुए सपाइयों ने बृहस्पतिवार को जिले की सभी तहसीलों में हल्ला बोला। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। सभी तहसीलों में राष्ट्रपति को संबोधित 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सपाइयों के प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही पुलिस प्रशासन चक्रमण करता रहा।
सपा मुखिया अखिलेश यादव के आदेश पर बृहस्पतिवार को सपाई प्रदेश सरकार के कार्यों का विरोध करते हुए सड़क पर उतरे। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदर, पट्टी, कुंडा, लालगंज व रानीगंज तहसीलों में धरना दिया। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के चुनावों में भाजपा सरकार द्वारा धांधली करते हुए लोकतंत्र की हत्या की गई है। प्रदेश सरकार के इशारे पर ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान विरोधी प्रत्याशियों के साथ अभद्रता की गई।
सदस्यों को जबरन भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए धमकाया गया। प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई के साथ ही बिगड़ी कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों के ऊपर थोपे जा रहे काले कृषि कानून, महिलाओं से दुर्व्यवहार, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस और प्रशासन द्वारा सत्ता के दुरुपयोग को रोका जाए। किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए। काला कृषि कानून वापस हो। सपा कार्यकर्ताओं के ऊपर देवसरा में दर्ज फर्जी मुकदमे को निरस्त करते हुए उत्पीड़न बंद हो।
सदर तहसील में पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना यादव, पूर्व प्रत्याशी संजय पांडेय, अनीस खान, पूर्व ब्लाक प्रमुख शांति सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुषमा पाल, इरशाद सिद्दीकी, राम बहादुर यादव, वासिक खान, महिमा गुप्ता, अख्तर राईन, सद्दाम हुसैन, अभिषेक तिवारी, मनीष पाल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर रानीगंज तहसील में सपाइयों ने प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार को कोसते हुए ज्ञापन सौंपा।
पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की है। शिवगढ़ में जीते प्रत्याशी को हराया गया। जनता सबकुछ देख रही है। इस दौरान पूर्व विधायक श्याद अली, शकील अहमद, गीता यादव, पूर्व प्रमुखपति शमीम खान, वकार खान, जफरुल खान, बृजेश यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तकदीरुद्दीन समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।