जिले में डेंगू की बीमारी का दायरा दिनों दिन बढ़ता जा हा है। जिले में 24 घंटे के भीतर पांच और डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं, जिससे कुल मरीजों की संख्या 34 पहुंच गई है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है। सीएचसी में सिर्फ डेंगू की जांच की सुविधा है, उपचार के लिए मरीज दर-दर भटक रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के साथ ही 29 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू जांच की व्यवस्था शुरू की गई है। मगर मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक वार्ड तक तैयार नहीं कराए जा सके। जबकि दिनों दिन डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
मंगलवार को डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में हुई जांचों में छह लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है, जिससे जिले में डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। वहीं बीमारी की चपेट में आकर पांच लोग जान गंवा चुके हैं।
चार दिन पहले डेंगू से नजियापुर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा देवी की मौत हो गई थी। दो दिनों पूर्व चिलबिला के एक युवक की जान चली गई थी। इसके अलावा डेंगू की चपेट में आकर आसपुर देवसरा के युवक, पट्टी के बालक और एक शिक्षक की जान जा चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमारी से प्रभावित गांवों में लोगों की जांच कराकर बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रही है।
मंगलवार को नजियापुर निवासी बुखार पीड़िता पायल (22) की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आने पर डॉक्टरों ने उसे घर भेजते हुए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दी। दो दिन पूर्व प्रयागराज से आई डेंगू संक्रमितों की रिपोर्ट में अमरगढ़ में दो, बाघराय में दो और मानधाता में एक डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है।
महकमा किसी प्रकार की न तो दवा का छिड़काव करा रहा है और न ही फागिंग की ओर ध्यान दे रहा है। जिले के नर्सिंग होम में भी डेंगू संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है। मगर स्वास्थ्य विभाग प्राइवेट जांच रिपोर्ट को डेंगू पॉजिटिव मानने को तैयार नहीं है।
डॉक्टर इलाज को तैयार हैं। मगर मरीज हायर सेंटर भागते हैं। नर्सिंग होम में किसकी डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आ रही है। इससे विभाग को कोई लेना देना नहीं। यदि सरकारी अस्पताल में जांच में संक्रमित मिल रहे हैं तो मरीजों के घर पर जांच कराने के साथ ही वहां संक्रमण से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। डॉक्टर सीपी शर्मा, एसीएमओ