शहर में गुरु गोविंद सिंह का 355वां प्रकाश पर्व रविवार को सिख समाज द्वारा धूमधाम से मनाया गया। गुरु ग्रंथ साहिब की सरपरस्ती में गाजे-बाजे के साथ पंज प्यारों के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महिलाओं-पुरुषों के कीर्तनी जत्थे की प्रस्तुतियों के बीच लोग आस्था व भक्ति से लबरेज दिखे। जगह-जगह लंगर आयोजित हुए।
गुरुद्वारा नानकशाही बाबागंज में सुबह 10.30 बजे गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का समापन हुआ। हुजूरी रागी भाई विपिनप्रीत सिंह ने अपने जत्थे के साथ सबद-कीर्तन गायन किया। दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक तरनतारन पंजाब से आए भाई दिलीप सिंह ने अपने जत्थे के साथ कीर्तन किया। दो बजे अरदास के बाद लंगर में एक पात में बैठ लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद शोभायात्रा की तैयारी शुरू हुई। सिख समाज के बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं पुरुषों की भीड़ शोभायात्रा में शामिल होने के लिए आतुर दिखी। शाम साढ़े चार बजे पंज प्यारों के नेतृत्व में गुरु ग्रंथसाहिब की सरपरस्ती में भव्य शोभायात्रा निकली। बैंडबाजे व घोड़ों के साथ लोग निकले।
गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के आगे महिलाएं, बच्चों एवं युवाओं की टोली सफाई करते हुए चल रही थी। सबद-कीर्तन की गूंज से माहौल देखते ही बन रहा था। कलाकारों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। जिसे देख लोग रोमांचित हो उठे। शोभायात्रा पंजाबी कालोनी गुरुद्वारा जाकर समाप्त हुई। इस अवसर पर मंजीत सिंह छाबड़ा, मंजीत सिंह गोबिंद, जगमीत सिंह, कर्मजीत सिंह, सर्वजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, अमोलक सिंह, प्रमप्रीत सिंह, रवींद्र सिंह, ज्ञानी विपीन प्रीत सिंह, ज्ञानी मनोहर सिंह आदि मौजूद रहे।
140 प्रतिभागियों को किया सम्मानित
गुरमत ज्ञान प्रतियोगिता में शामिल होने वाले 140 प्रतिभागियों को स्त्री सत्संग कमेटी की ओर से सर्टिफिकेट व शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों का उत्सावर्धन किया गया।