एक डिग्री पर पांच लोग बन गए एक्सरे टेक्नीशियन
फर्जीवाड़ा कर हथियाई नौकरी, सीएमओ की टीम ने सांगीपुर सीएचसी के टेक्नीशियन को किया पुलिस के हवालेहरदोई के टेक्नीशियन के नाम पर महोबा, ललितपुर सिरसागंज और सांगीपुर में फर्जी लोगों को दे दी तैनातीअमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। स्वास्थ्य विभाग में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। हरदोई में तैनात एक्सरे टेक्नीशियन की डिग्री पर चारा लोगों को इसी पद पर स्वास्थ्य विभाग में फर्जी तरीके से तैनाती दे दी गई। वर्ष 2016 में हुई इस भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले चारों आरोपियों के नाम और पिता के नाम भी एक ही थे। सांगीपुर सीएचसी में फर्जीवाड़ा कर एक्सरे टेक्नीशियन की नौकरी हथियाने वाले एक आरोपी को सोमवार को सीएमओ की तरफ से गठित टीम ने दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। तीन अन्य आरोपियों की महोबा, ललितपुर और सिरसागंज में तैनाती है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है।
हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र के सदरपुर निवासी अंकित सिंह पुत्र श्रीराम सिंह वहीं के हरपालपुर अस्पताल में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर तैनात हैं। उनके नाम, पते पर और डिग्री पर चार लोगों ने फर्जी तरीके से स्वास्थ्य विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन की नौकरी हथिया ली। वर्ष 2016 में हुई इस भर्ती में फर्जीवाड़ा कर तीन लोगों ने महोबा, ललितपुर और सिरसागंज में तैनाती करा ली। चौथा आरोपी फर्रुखाबाद निवासी देवेश पाल पुत्र रामपाल जिले के सांगीपुर सीएचसी में तैनात था। चारों ने अंकित सिंह के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी अभिलेख भी बनवा लिए थे। महोबा, ललितपुर और सिरसागंज में तैनात फर्जी एक्सरे टेक्नीशियन पोल खुलने के बाद लापता हो गए। इनके गायब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हरदोई निवासी अंकित सिंह के घर पर कई बार सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस भेजा गया।
इससे हरपालमऊ सीएचसी में तैनात एक्सरे टेक्नीशियन अंकित सिंह परेशान हो गए। उन्होंने विभाग को पत्र लिखकर बताया कि वह हरपालगंज में तैनात हैं और लगातार ड्यूटी पर आ रहे हैं। हरदोई के सीएमओ ने भी इसकी पुष्टि की। प्रतापगढ़ के सांगीपुर सीएचसी में तैनात एक्सरे टेक्नीशियन फर्रुखाबाद निवासी देवेश पाल पुत्र रामपाल ने सांगीपुर इलाहाबाद बैंक में अंकित के नाम और पते पर अपना खाता खुलवाया। उसने चेक बुक के लिए आवेदन किया था। चेकबुक अंकित सिंह के घर पहुंच गई। अंकित ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि उनके नाम और पते पर सांगीपुर सीएचसी में कोई एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर तैनात है। उन्होंने इसकी शिकायत सीएमओ एके श्रीवास्तव से की।
सीएमओ ने जांच के लिए सांगीपुर सीएचसी के एक्सरे टेक्नीशियन के पूरे कागजात स्वास्थ्य भवन भेज दिए। स्वास्थ्य भवन से जो जांच रिपोर्ट आई उसमें सब कुछ ओके मिला। इसके बाद भी सीएमओ एके श्रीवास्तव सोमवार को डिप्टी सीएमओ सीपी शर्मा, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी आरपी सिंह के साथ सांगीपुर सीएचसी पहुंचे। जांच में पता चला कि सांगीपुर सीएचसी में तैनात एक्सरे टेक्नीशियन ने फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हथिया ली है। विभाग में उसका नाम अंकित सिंह पुत्र श्रीराम निवासी हरदोई जनपद बिलग्राम है। जबकि हकीकत में वह फर्रुखाबाद निवासी देवेश पाल पुत्र रामपाल है। वर्ष 2016 में उसने जमीन बेचकर स्वास्थ्य भवन के एक कर्मचारी को पांच लाख रुपये देकर विभाग में फर्जी नाम-पता और डिग्री पर नौकरी हासिल की थी। सीएमओ के आदेश पर डिप्टी सीएमओ सीपी शर्मा ने आरोपी देवेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। मामले से शासन को भी अवगत करा दिया गया है।
सही से जांच हुई तो कइयों की फंसेगी गर्दन
फर्जीवाड़ा कर एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर चार लोगों को तैनाती देने के मामले की अगर सही ढंग से जांच हुई तो जिलों से लेकर लखनऊ तक के कई अफसरों की गर्दन फंसेगी। इतना ही नहीं ऐसे कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो देवेश पाल ने बताया कि स्वास्थ्य भवन में तैनात उसके रिश्तेदार ने उसे व उसके साथ ही तीन और लोगों को अंकित के नाम पर फर्जी तरीके से नौकरी दिलाई थी।
चेकबुक ने खोल दी पोल
अंकित सिंह के नाम पर फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले सांगीपुर सीएचसी के एक्सरे टेक्नीशियन की पोल चेकबुक ने खोल दी। उसने सांगीपुर बाजार में स्थित इलाहाबाद बैंक में अपना खाता खुलवाया था। चेकबुक के लिए उसने आवेदन किया था। चेकबुक के लिए उसने अंकित के घर का पता दे दिया। हरदोई में अंकित के घर जब चेकबुक पहुंची तो वह परेेशान हो गया। उसने चेकबुक के लिए आवेदन नहीं किया था और न ही कभी प्रतापगढ़ आया था। उसकी शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई।
सांगीपुर सीएचसी में तैनात एक्सरे टेक्नीशियन का नाम देवेश पाल है। वह अंकित सिंह के नाम पर नौकरी कर रहा था। अंकित हरदोई के हरपालमऊ में तैनात है। उसकी शिकायत पर जांच की गई तो इसका खुलासा हुआ। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाने के लिए तहरीर दी गई है। शासन को इसके बारे में अवगत करा दिया गया है।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।