शहर के चिलबिला स्थित हनुमान मंदिर की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोपी राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा के ओएसडी समेत अन्य लोगों के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। चिलबिला स्थित हनुमान मंदिर की बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
आरोप है कि मंदिर की जमीन को कब्जा करने की नियत से पहले मोरंग डंप कराया गया था। जब उसे प्रशासन की मदद से हटवाया गया तो खुन्नस में स्थानीय लोगों ने कूटरचित खसरा बनाकर न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया। मंदिर समिति की ओर से फर्जी खसरे की जांच कराई गई। इस मामले में वर्ष 2015 में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर नगर कोतवाली में बजरंगलाल, विष्णुदयाल, मुंकुदलाल, गोविंदराम समेत अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था।
मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में आरोपी बनाए गए गोविंदराम राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र के ओएसडी हैं। सीजीएम न्यायालय ने मामले में बजरंगलाल, गोविंदराम, विष्णु दयाल, बृजलाल, केशवलाल, गौरीशंकर, मुकुंदलाल, मकसूदनाल समेत नौ लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।