अब कागज पर ड्राइविंग टेस्ट के जरिए आसानी से लोग ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे। गड़वारा के करीब शुकुलपुर में ड्राइविंग टेस्ट के लिए आटोमेटिक टेस्टिंग ड्राइविंग ट्रैक बनानेे के लिए शासन से साढ़े तीन करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। छह बीघे जमीन शुकुलपुर में चिह्नित होने के बाद शासन से विभाग के पास सवा करोड़ रुपये भी आ गए हैं। राजस्व विभाग द्वारा जमीन का सीमांकन होते ही ट्रैक निर्माण का कार्य शुरू होगा।
उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में अभी तक कागजों व कंप्यूटर पर ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों का टेस्ट लिया जाता रहा है। जिसके चलते बहुत से ऐसे लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस बन जाता था जो वाहन चला भी नहीं पाते थे या ड्राइविंग के लिए पात्र नहीं होते थे। अब ऐसे लोगों की दाल नहीं गल सकेगी। वाहन टेस्टिंग के नाम पर मनमानी बंद होगी। गड़वारा के बगल शुकुलपुर में एआरटीओ कार्यालय का भवन बनकर तैयार है। कर्मचारियों के लिए आवास भी निर्माणाधीन है। शासन की पहल पर वाहन लाइसेंस बनवाने वालों के लिए आटोमेटिक टेस्टिंग ड्राइविंग ट्रैक बनाने का फैसला लिया गया।
जिसके लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। एआरटीओ कार्यालय के करीब ही छह बीघे जमीन राजस्व विभाग ने चिह्नित कर ली है। जिसका सीमांकन होना शेष है। इसके लिए भी राजस्व विभाग को पत्र भेजा गया है। शासन ने जमीन चिह्नित होने के बाद सवा करोड़ रुपये विभाग को भेज दिए हैं। ताकि जमीन का सीमांकन होते ही आगे की कार्रवाई तेज गति से संचालित की जा सके। जिससे वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में होना वाला खेल रुक सके।
शुकुलपुर में आटोमेटिक टेस्टिंग ड्राइविंग ट्रैक के लिए जमीन चिह्नित हो गई है। ट्रैक के निर्माण में साढ़े तीन करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। सवा करोड़ की धनराशि विभाग को मिल गई है। जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग को पत्र भेजा गया है।
सुशील मिश्रा, उप संभागीय परिवहन अधिकारी।