बदले मौसम में लोगों को चपेट में ले रहे डेंगू ने अपनी चाल बदली है। इस बार डेंगू खतरनाक तेवर में सामने आ रहा है। 40 हजार प्लेटलेट्स होने के बावजूद मरीजों में रक्तस्राव की समस्या देखने को मिल रही है। यही कारण है कि चिकित्सक संक्रमण की पुष्टि होते ही मरीज को भर्ती कर रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों के मुताबिक डेंगू इस बार मानव शरीर का थ्रोमबैसेन सिस्टम खराब कर रहा है।
डेंगू संक्रमितों में अन्य दिक्कतों के साथ इस बार प्लेटलेट्स का स्तर 40 हजार पहुंचते ही रक्तस्राव जैसी दिक्कतें शुरू हो जा रही है। चिकित्सकों के मुताबिक पहले डेंगू पीड़ितों में रक्तस्राव का खतरा प्लेटलेट्स 10 हजार से कम होने पर होता था। तब मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
अब 20 हजार प्लेटलेट्स काउंट होने पर ही डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए प्लेटलेट्स चढ़ाने की तैयारी शुरू कर देते हैं। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री के मुताबिक इस बार हालात बदल गए हैं। डेंगू संक्रमितों में रक्तस्राव सामान्य स्थिति में हो रहा है। इसलिए मरीज में डेंगू संक्रमण की पुष्टि होते ही भर्ती करने के बाद इलाज किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरपी चौबे ने बताया कि डेंगू संक्रमितों में प्लेटलेट्स कम होने के दो तरीके से सामने आ रहे हैं। एक संख्यात्मक रूप से और दूसरा कार्य क्षमता के रूप में। कई मरीजों में तो रक्तस्राव को रोकने वाला थ्रोमबैसेन सिस्टम प्रभावित मिल रहा हे। इस वजह से प्लेटलेट्स काउंट अधिक होने के बाद भी मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
डॉ. अनुज चौरसिया के मुताबिक इस बार बीते वर्ष से अधिक डेंगू के मरीज सामने आए हैं। 10 से 12 प्रतिशत मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या 20 हजार से नीचे मिल रही है। कुछ ऐसे मरीज भी सामने आए हैं, जिनकी प्लेटलेट्स संख्या 40 हजार थी और रक्त स्राव हुआ। इस वजह से मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है।
इनसेट-
डेंगू मरीजों की बढ़ी समस्याएं
- हार्ट बीट कम हो रही है, 40 तक मिल रही है।
- ज्यादातर मरीजों के पेट व फेफड़ों में पानी भर रहा है।
- कई मरीजों का ब्लड शुगर भी बढ़ रहा है।
- लिवर में सूजन की समस्या भी सामने आई है।