सीआरपीएफ के एएसआई प्रकाश नारायण का पार्थिव शरीर रविवार को घर पहुंचा। पिता, पत्नी शव देख बेसुध हो गए। अचानक उनकी मौत से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो उठा। सोमवार को शव का अंतिम संस्कार होगा।
सदर विकासखंड के भंगवा निवासी प्रकाश नारायण सरोज 226 बटालियन सीआरपीएफ में एएसआई थे। मौजूदा समय में उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में थी। शनिवार को ड्यूटी वाले स्थान पर उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर परिजन रोने बिलखने लगे। रविवार की शाम सीआरपीएफ की टीम पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंची। भंगवा चुंगी पर ग्रामीणों ने शव वाहन पर पुष्प वर्षा करते हुए मोमबत्ती जलाकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। जयकारे के बीच पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजन रोने बिलखने लगे। शव देख पिता राम करन सरोज, पत्नी पुष्पा, भाई कृष्णामणि, बेटे अनूप व अनुराग रोते बिलखते बेसुध हो गए। साथ आए इंस्पेक्टर ने घटनाक्रम की परिजनों को जानकारी दी। इस मौके पर प्रधान रोहित कुमार, राजेश तिवारी, सुरेश यादव, सूरज दुबे, कमल कुमार सरोज, घनश्याम, बीडीसी सदस्य प्रेमचंद्र, सूर्यभान सरोज, विशालनाथ तिवारी, राकेश, गौरीशंकर गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे। भाई कृष्णामणि ने बताया कि सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।