आक्रोशित परिजनों को समझाती पुलिस।
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अधिकारियों के काफी समझाने के बाद भी परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं हुए। दोपहर करीब दो बजे परिजनों संग ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वे घटना के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष नवीन उर्फ पिंटू सिंह के घर शव दफनाने के लिए निकले।
करीब 25 मिनट तक पुलिस व ग्रामीणों के बीच झड़प के बाद अफसरों के समझाने पर परिजन शव लेकर लौटे। उन्होंने 50 लाख रुपये, तीन बीघा जमीन, दो शस्त्र लाइसेंस, दो सुरक्षाकर्मी और मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी के साथ ही गैर इरादतन हत्या में पिंटू सिंह का नाम शामिल किए जाने की मांग की।
सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता ने बताया, मुकदमे में पिंटू सिंह का नाम भी शामिल कर लिया गया है। साथ ही नामजद आरोपी बाबूलाल, रवि, कपूरचंद्र के हिरासत में होने की जानकारी दी लेकिन परिजन कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे। दूसरे दिन भी भगौती के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है।
बरबसपुर का गोगौरी पुलिस छावनी में तब्दील
बाघराय थाना क्षेत्र के बरबसपुर का गोगौरी क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा। कुंडा, महेशगंज व जेठवारा की फोर्स संग पीएसी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही।