Criminal image will not be able to become counting agent
आपरजिले की सात विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव की मतगणना 10 मार्च को होनी है। मतों की गणना कराने के लिए प्रत्याशी बेदाग छवि वालों को ही अपना एजेंट बना सकेंगे। अभिकर्ता बनने वाले लोगों को संबंधित थानों से चरित्र प्रमाण बनवाकर लगाना होगा। तभी उन्हें मतगणना पास मिलेगा। इस बारे में प्रशासन की ओर से सियासी दलों के नेताओं को जानकारी दी जा चुकी है।
मतगणना को लेकर प्रशासनिक अमले ने अपने स्तर से तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस की ओर से मतगणना के दौरान परिसर में किसी भी प्रकार का विवाद न पैदा हो। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। मतगणना के दौरान मतों की गणना कराने के लिए सभी विपक्षी दलों के तेज तर्रार कार्यकर्ता या नेता मौजूद रहेंगे। इसमें बहुत से दबंग प्रवृत्ति के लोगों को भी प्रत्याशी अपना मतगणना एजेंट बना कसते हैं, मगर पुलिस ने अब पेंच फंसा दिया है।
मतगणना से तीन दिन पहले सभी रिटर्निंग अधिकारी द्वारा मतगणना अभिकर्ता के लिए आवेदन लिया जाएगा। मगर एजेंट बनने वालों को अपने थानों से चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा। पुलिस उन्हें इस बात का प्रमाण देगी कि उनकी थाने में कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि एजेंट बनने के लिए आवेदन करने वालों के बारे में रजिस्टर नंबर आठ देखने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करें। यदि किसी ने गलत प्रमाण पत्र जारी किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विजय जुलूस निकालने पर रोक
चुनाव आयोग द्वारा मतगणना के संबंध में जारी दिशा निर्देशों का पालन कराने के लिए अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं प्रत्याशियों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी जा चुकी है। मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों द्वारा कोई भी विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। यदि कोई प्रतिबंध के बाद भी विजय जुलूस निकालता है तो उसके खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मतगणना के लिए 18 अभिकर्ता ही बनेंगे
विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए प्रत्येक प्रत्याशी 18 अभिकर्ता बना सकेगा। यह अभिकर्ता मतगणना टेबल के पास से राउंडवार परिणाम हासिल कर सकेंगे। प्रत्याशी जिसे भी अभिकर्ता बनाने के लिए अधिकार पत्र देंगे। प्रशासन उसका पुलिस से सत्यापन कराएगी। जिससे उसका पिछला रिकॉर्ड भी मिल सके। हालांकि ईवीएम से मतों की गिनती के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में कुल 14 टेबल लगाई जाएगी। साथ ही आरओ और एआरओ की दो टेबल व पोस्टल बैलेट के लिए टेबल लगाई जाएगी। प्रत्येक टेबल के अनुसार अभिकर्ता भी तैनात कर सकेंगे।