प्रतापगढ़/ कोहड़ौर। ट्रक चालक व खलासी की हत्या करने वाले फरार 50 हजार के इनामी बदमाश को एसटीएफ ने दबोच लिया। साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसने मुंबई में अपना ठिकाना बना रखा था। रिश्तेदारी में छिपने के लिए जाते समय वह पुलिस के हाथ लग गया। उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। कोहड़ौर पुलिस पूछताछ के बाद उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है। लालगंज में ट्रक चालक व खलासी की हत्या करने के बाद फरार चल रहे इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ के सीओ नावेंदु की अगुवाई में टीम लगी हुई थी। सोमवार को एसटीएफ के निरीक्षक अतुल सिंह को पता चला कि फरार 50 हजार का इनामी हत्यारोपी दिलशाद मदाफरपुर में किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। जिसके बाद टीम ने अपना जाल फैला दिया।
दोपहर बाद मदाफरपुर मंदिर के पास बस से उतरते समय एसटीएफ ने उसे रोका। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। टीम के लोगों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा, कारतूस व 550 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में पकड़े गए दिलशाद निवासी डेंगुरपुर थाना कंधई ने बताया कि उसके साथी नईम, इश्तियाक, जुनैद, कलीम व इकराम को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके चलते उसने अपना ठिकाना मुंबई में बना रखा था। कुछ दिनों पहले वह जुनैद के साथ आया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद भाग गया। चूंकि मृतक ट्रक चालक इकरार अहमद और खलासी मुजीब ने उन सभी को पहचान लिया था। ट्रक में जीपीएस लगा था। जिससे ट्रक लूटने का कोई फायदा नहीं था। कोहड़ौर में दिलशाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस उसे जेल भेजने की तैयारी में है। एएसपी पूर्वी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि दिलशाद के खिलाफ डबल मर्डर का मुकदमा लालगंज और कंधई में दूसरा मुकमदा दर्ज है। उसके ऊपर गुजरात, महाराष्ट्र भी लूट, हत्या व छिनैती के केस दर्ज हैं।