पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब दादी-पौत्र की हत्या में अब पुलिस को दाढ़ी मजदूर और हिरासत में लिए गए राजू के करीबियों की तलाश है। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस हाथ-पैर चला रही है। मकान निर्माण में काम करने वाले मामा-भांजे मजदूर को पुलिस रात में ही उठा लाई। सबसे पहले घटना देखने वाले मजदूर धीरज से पुलिस पूछताछ कर रही है।
नगर कोतवाली के बलीपुर गाजी चौराहा निवासी सरस्वती देवी व उसके पौत्र अनमोल की रक्तरंजित शव मंगलवार की सुबह घर में पड़ा मिला था। दोनों का बेरहमी से कत्ल करने के बाद हत्यारे दरवाजा खुला छोड़कर फरार हो गए थे। घटना की जानकारी पर मृतका के बेटे धर्मेंद्र व बहू राधा के साथ घर पहुंचे प्रयागराज के मऊआइमा निवासी राजू पटेल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस रात में ही मकान का निर्माण करने वाले दो मजदूरों को उठा लाई।
उनसे पूछताछ करने के बाद पुलिस उस मजदूर की तलाश में जुट गई जो रात में सरस्वती के घर पर रुका हुआ था। दाढ़ी नाम का यह मजदूर शहर में ही मंदिर में रहता था। वह डेरवा या लालगंज का रहने वाला है। मजदूर धीरज ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह मंगलवार की सुबह घर पहुंचा तो दंग रह गया। आधा दरवाजा खुला था। आवाज देते हुए भीतर पहुंचा तो उल्टे पांव लौट पड़ा। भय के कारण वह वहां से निकलकर भंगवाचुंगी पहुंचा।
एक परिचित के मोबाइल से साथ में मजदूरी करने वाले मामा के पास संदेश भेजकर घटना की जानकारी दी। मामा ने राजू को घटना की जानकारी दी थी। रात में सरस्वती के घर पर मजदूरी करने वाला दाढ़ी रुका हुआ था। वह घटना के बाद से ही गायब है। इसके अलावा राजू के करीबियों पर भी पुलिस की निगाह टिकी हुई है। राजू से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। एसपी एस आनंद ने बताया कि मृतका के घर पर रुका मजदूर दाढ़ी डेरवा के करीब का रहने वाला है। वह शहर में भी घूमकर रहता था। उसकी तलाश की जा रही है। राजू के करीबी भी हत्या में संदेह के दायरे में हैं।
एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
बलीपुर गाजी चौराहा निवासी सरस्वती देवी और उसके पौत्र अनमोल के शव का बुधवार को बेल्हा देवी घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। बेटे व मां की चिता को धर्मेंद्र ने मुखाग्नि दी। जिसके बाद घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
पड़ोसियों पर भड़की बहू राधा, कहा, कोई न छुए मेरी सास की लाश
पुलिस लाइन में मंगलवार की देर शाम तक बहू राधा व उसकी बहन चंदा से पुलिस पूछताछ करती रही। रात में अंतू पुलिस दोनों बहनों को लेकर अंतू चली गई। चंदा के घर राधा को भी रोका गया। पति धर्मेंद्र के साथ बेटे सूरज को रोका गया। बुधवार की सुबह करीब सवा दस बजे बहू राधा को अंतु पुलिस अपने साथ गाजी चौराहा लाई। वह शवों से लिपटकर रोने लगी। अंतिम संस्कार की तैयारी में धर्मेंद्र के साथ परिवार के लोग भी जुटे थे। जिन पर फिर राधा ने हमला बोलते हुए आरोप प्रत्यारोप लगाना शुरू कर दिया। बोली कि कोई मेरे सास की लाश न छुए। जीतेजी सभी उनसे नफरत करते थे। अब क्यों आए हैं। जिस तरह उसके सास की हत्या कर दी गई। उसी तरह उन लोगों की भी हत्या हो जाएगी।
वजनदार हथियार से हुआ था सिर पर प्रहार
मंगलवार की देर रात दादी व पौत्र के शवों का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम हुआ। सरस्वती के सिर पर वजनदार हथियार से ऐसा हमला किया गया था कि सिर का ऊपरी हिस्सा ही गायब हो गया था। अनमोल के सिर पर पहले प्रहार किया गया था। बाद में उसे फर्श पर पटका गया था। सिर में चोट आने के कारण उसकी मौत हो गई थी।
पहले धर्मेंद्र को साथ ले जाने का नहीं था इरादा
सरस्वती के घर का निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो कुंभ स्नान के लिए पहले राजू अपने साथ राधा व उसके बच्चों को ले जाना चाहता था। बाद में राजू धर्मेंद्र को अपने साथ ले गया। बच्चों को साथ नहीं ले जाया गया था। ऐसे में राजू की नियत पर पुलिस का शक गहराता जा रहा है।
सोमवार को आया था राजू का भाई
वैसे तो सरस्वती के घर को राजू ने अपना ठिकाना बना लिया था। जब से मकान के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ तब से राजू व उसके परिवार के लोगों का भी आना-जाना था। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि राजू का भाई सोमवार को सरस्वती के घर आया था। शाम को लौटा था।
दाढ़ी को सरस्वती ने ही रोका था
सोमवार की सुबह धर्मेंद्र व बहू राधा के कुंभ स्नान जाने के बाद सरस्वती घर पर अकेले थी। केवल पौत्र अनमोल और सूरज ही उसके साथ थे। उसी दिन मकान के निर्माण का कार्य भी बंद हो गया था। ऐसे में सरस्वती ने दाढ़ी को घर में रोक लिया था। रात करीब सात बजे सरस्वती का मोबाइल बंद हो गया था।
9 से 10 बजे के बीच की है घटना
सरस्वती देवी व उसके पौत्र की हत्या सोमवार की रात 9 से 10 बजे के बीच हुई। पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है। खून के काला पड़ जाने व मोबाइल बंद होने के समय को लेकर पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आ रही है।
पुलिस की निगरानी में राधा
अंतू से धर्मेंद्र की पत्नी राधा को बेटे अमर के साथ सुबह शहर लाया गया। उसके साथ बहन चंदा भी थी। शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के बाद राधा को पुलिस की निगहबानी में रखा गया। महिला आरक्षियों के साथ सिपाहियों को भी लगाया गया था। ताकि राधा की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। किसी तरह का विवाद पड़ोसियों से न हो सके।
नामजद आरोपी सुनील घर छोडक़र फरार
दादी-पोते की हत्या में नामजद सुनील गुप्ता घर से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। बुधवार को भी राधा परिवार के सुनील के ऊपर हत्या का आरोप लगाते हुए चीखती रही।
शहर में करोड़ों की है संपत्ति, 35 साल से दुकान का विवाद
पति मोतीलाल की मौत के बाद शहर में करोड़ों की संपत्ति की मालकिन सरस्वती बन गई। कटरा रोड, गाजी तिराहा व गोपाल मंदिर के पास करोड़ों की संपत्ति है। गोपाल मंदिर के बगल की दुकान मोतीलाल ने 35 साल पहले खरीदी थी। उस दुकान में रहने वाले दुकानदार ने अभी तक खाली नही किया। जिसका मुकदमा भी न्यायालय में चल रहा है।
राजू से पहले दूसरे युवक से थी राधा की करीबी
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सरस्वती के घर एक साल पहले राजू पटेल का आना-जाना शुरू हुआ। इसके पहले सरस्वती के घर में कुंडा के रहने वाले एक युवक का आना-जाना था। वह परिवार के काफी करीब था, लेकिन राजू के पैर जमाने के बाद उसका पत्ता कट गया। धीरे-धीरे उसका आना जाना भी बंद हो गया। कभी-कभार ही वह आता था।
बहू के सामने सरस्वती की बंद हो जाती थी बोलती
राजू का घर में आना-जाना सरस्वती को पसंद नहीं था। बहू राधा के बाहर जाने पर वह उसे उल्टा सीधा बोला करती थी। पुलिस की मानें तो राजू के साथ बहू राधा के बाहर जाने पर वह मजदूरों के सामने भी उल्टा सीधा बोला करती थी, लेकिन जब राधा घर आ जाती थी तो वह मौन साध लेती थी। राजू भी पूरी तरह से परिवार के सदस्य की तरह हो गया। उस पर सरस्वती भी भरोसा करते हुए मकान निर्माण के लिए रुपये भी दे दिया करती थी।