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धरपकड़ बंद, पांच बिंदुओं पर सिमटी जांच

Mon, 30 Jul 2018 10:56 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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व्यापारी भाइयों की हत्या के 6 दिन बाद भी एसटीएफ से लेकर पुलिस तक हवा में तीर चला रही हैं। सोमवार को संदिग्धों की धरपकड़ बंद कर पुलिस पांच बिंदुओं पर जांच करती रही। रानीगंज व कोहड़ौर से पकड़े गए लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। कोहड़ौर बाजार पहुंचे एएसपी पूर्वी ने मृतक व्यापारी के करीबियों से पूछताछ कर मातहतों को आवश्यक निर्देश दिया।
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कोहड़ौर बाजार में सीमेंट व लोहा विक्रेता श्यामसुंदर और उनके भाई श्याममूरत की 25 जुलाई की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे 21 घंटे तक हाईवे पर आवागमन ठप रहा। घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी एसटीएफ और जिले की पुलिस केवल हवा में तीर चला रही है। अभी तक घटना के सिलसिले में कोई ठोस साक्ष्य पुलिस के हाथ नही लगा है। डिजिटल साक्ष्य के सहारे एसटीएफ घटना का खुलासा करने के लिए माथापच्ची कर रही है। सिविल पुलिस भी अपने तरीके से घटना का अनावरण करने में लगी हुई है। रानीगंज और कोहड़ौर से पकड़े गए तीन लोगों को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया। सूत्रों की मानें तो सोमवार से पुलिस ने अपना पैतरा बदल दिया। अब संदिग्धों की धरपकड़ की तलाश में भटकने के बजाय पांच बिंदुओं की गहनता से छानबीन करने में समय लगाने की रणनीति बनाई है। दिन भर सीओ सिटी की निगरानी में स्वाट टीम, महेशगंज एसओ, कोहड़ौर एसओ घटना की कड़ी जोडने में लगे रहे। जिसमे रंगदारी, जमीन, लेनदेन, व्यवसायिक प्रतिद्वंदिता और पैतृक विवाद शामिल है। पुलिस हर बिंदुओं को अलग-अलग नजरिए से खंगालने में जुटी हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी पूर्णेंदू सिंह कोहड़ौर बाजार पहुंचे। उन्होंने मातहतों से जानकारी लेने के बाद मृतक व्यापारियों के करीबियों से बातचीत की।

निलंबित एसओ व तैनात दरोगा के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच की मांग
 कोहड़ौर पुलिस की कार्यप्रणाली से परिजनों में खासा असंतोष व्याप्त है। निलंबित एसओ व थाने पर तैनात उपनिरीक्षक के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग परिवार के लोग करने लगे हैं। सोमवार को बाजार पहुंचे पूर्व विधायक व सपा जिलाध्यक्ष रामसिंह से परिवार के लोगों ने मामले में जांच की मांग उठाई।
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कोहड़ौर बाजार के व्यापारी श्यामसुंदर और उनके भाई श्याममूरत की 25 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद देर रात ही डीजीपी ने एसओ कोहड़ौर को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। बाजार में जाम लगाकर प्रदर्शन करने वाले लोगों की मांग थी कि थाने में तैनात दरोगा शैलेंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। जब भी श्यामसुंदर रंगदारी के लिए मिल रही धमकी की शिकायत लेकर थाने पर जाते थे। तब एसओ व दरोगा आनाकानी कर उसे घर भेज देते थे। परिवार के लोग भी निलंबित एसओ नागेंद्र नागर और दरोगा शैलेंद्र की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा चुके हैं। सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए सपा जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक रामसिंह पहुंचे। उनसे भी परिवार के सदस्यों ने निलंबित एसओ व दरोगा के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग उठाई। सपा के जिलाध्यक्ष ने परिवार के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा करने के लिए वह अधिकारियों से मिलेंगे। वह घटना से सपा मुखिया अखिलेश यादव को भी अवगत कराते हुए हरसंभव मदद दिलाने का वादा किया। इस मौके पर सपा नेता इरशाद सिद्दीकी, हरीश शुक्ला, आजम खान, मनीष पाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

और पिता का नाम लेते ही फफक पड़ा सचिन
कोहड़ौर बाजार में बदमाशों की गोली के शिकार व्यापारी भाइयों की हत्या का खुलासा आज तक नहीं हो सका। सपा नेताओं ने मृतक श्याममूरत के बेटे सचिन से घटनाक्रम की जानकारी लेनी चाही। तभी किसी ने उसके पिता का नाम ले लिया। पिता का नाम सुनते ही वह फफक कर रोने लगा। जिसे परिवार के लोगों ने समझाबुझाकर शांत कराया।

एक बेटे को संपत्ति से कर दिया था बेदखल
कोहड़ौर बाजार के रहने वाले अशर्फीलाल के पांच बेटे थे। उन्होंने अपनी संपत्ति से एक बेटे को बेदखल कर दिया था। अशर्फीलाल के सबसे बड़े घनश्याम, राधेश्याम, श्यामसुंदर, श्याममूरत और सबसे छोटा बेटा श्यामबाबू है। अशर्फीलाल ने अपनी मौत के पहले राधेश्याम को अपनी संपत्ति से बेदखल करते हुए चारों बेटों के नाम संपत्ति वसीयत कर दी थी। घटना की जानकारी के बाद राधेश्याम सोमवार को पैतृक घर पहुंचे। उनके आते ही फिर से माहौल गमगीन हो चला। परिवार के हर सदस्य रोने बिलखने लगे। परिवार के लोगों ने बताया कि ईंट भट्ठा व्यवसाय में घाटा लगने के कारण वह घर छोडक़र चले गए थे। लेनदेन की भरपाई न करने के कारण दूसरे लोग उसके पिता से उधारी की मांग करते थे। हालांकि बाद में उनका घर आना जाना हो गया था। घटना के 15 दिन पहले भी वह घर आए थे। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है।

आने जाने वालों पर रही पुलिस की नजर
कोहड़ौर बाजार में व्यापारी के घर पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है। आने जाने वाले लोगों पर पुलिसकर्मियों की नजर रहती है। ताकि कोई अप्रिय वारदात न हो सके। पुलिसकर्मियों के अलावा पीएसी के जवान शिफ्टवार ड्यूटी कर रहे हैं।
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