चचेरे मामा ने कलयुग में कंस का रूप धारण कर बदनीयती से भांजे को ही अगवा करने कर लिया। मगर पुलिस के तत्काल सक्रिय हो जाने से वह बच्चे को अमेठी जनपद के एक गांव के पास छोड़कर भाग निकला। सांगीपुर थाने के पूरेतुला उपाध्यायपुर गांव निवासी उमेश उपाध्याय रोजी रोटी के सिलसिले में बाहर रहता है। घर में उसकी पत्नी सपना व पांच माह का बेटा अविरल रहते हैं। उमेश के भाई रमेश का साला जेठवारा थाना के लक्ष्मणपुर गांव निवासी संतोष अकसर अपनी बहन के घर आया जाया करता था। इससे वह बहन की देवरानी सपना से भी काफी घुला मिला था। शनिवार की रात संतोष अपने एक अन्य साथी सांगीपुर थाने के चिचिहरा गांव निवासी अमित चुतर्वेदी के साथ स्कारपियो से पहुंचा और गाड़ी गांव के ही पप्पू यादव के घर से दूर खड़ी कर दी। इसके बाद वह बहन के घर गया और सपना के घर पर भी काफी देर तक बैठा रहा। जब सपना सो गई तो वह मासूम बच्चे को लेकर चुपके से भाग निकला। लगभग दो घंटे बाद जब सपना जगी तो देखा बेटा अविरल गायब है। इससे वह बदहवास हो चीखने लगी। सपना के चीखने की आवाज सुन आसपड़ोस व गांव के तमाम लोग इकट्ठे हुए और संतोष की खोजबीन करने लगे। इस दौरान पता चला कि वह बिना किसी को बताए ही रात में निकल गया। इधर गांव के पप्पू यादव ने संतोष के स्कारपियो खड़ी करने व साथ में एक अन्य व्यक्ति के होने की बात बताई। इससे बच्चे को अगवा करने का शक सीधे संतोष पर गया और सूचना तुरंत सांगीपुर पुलिस को दी गई। अपहरण की सूचना पर हरकत में आई संागीपुर पुलिस ने तत्काल संतोष के भाई व साले को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। आसपास के थानों पर भी घटना की जानकारी दे दी।
घरवालों व रिश्तेदारों के हिरासत में लिए जाने व पुलिस की सक्रियता से घबराकर आरोपियों ने बच्चे अविरल को अमेठी जनपद के गौरीगंज थाने के माधवपुर गांव के पास रख उसके बाबा माताप्रसाद का नाम, गांव व मोबाइल नंबर लिखकर एक पर्ची भी छोड़ दी। रविवार की सुबह भोर में माधवपुर गांव के लोगों ने बच्चे को रोते देखे पहुंच गए। वहां पड़ी पर्ची देख उसमें लिखे मोबाइल नंबर पर बच्चा मिलने की सूचना दी। सूचना पाते ही पुलिस व परिवार के लोगों ने माधवपुर जाकर बच्चे को ला उसकी मां को सौंप दिया। बेटा पाते ही सपना की जान में जान लौटी। इधर पुलिस दोनों आरोपियो ंके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। रविवार को एसडीएम इंद्रासन वर्मा व सीओ सीताराम सांगीपुर थाने पहुंचे और घटना की बाबत जानकारी ली। रिश्तेदार के द्वारा ही ऐसी घटना अंजाम देने से लोग हतप्रभ हैं।