शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस लाइन के सई कांप्लेक्स में एसपी शगुन गौतम मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए सात बदमाशों से पूछताछ के बाद लूट की घटनाओं का खुलासा कर रहे थे। तभी मानधाता में बदमाशों ने सिपाही को गोली मार दी। इसकी सूचना मिलने पर उनका माथा ठनक गया। थोड़ी देर बाद वह बाहर निकल गए।
इसकी भनक मीडिया कर्मियों को लगी तो वे अस्पताल पहुंच गए। उधर, पुलिसकर्मी घायल सिपाही मोहन प्रसाद को मानधाता सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। बताते हैं कि रास्ते में एंबुलेंस से पुलिसकर्मियों ने उसे उतारकर डायल 100 की गाड़ी पर लादा और प्रतापगढ़ लेकर पहुंचे। यहां एसपी और एएसपी ने घायल से पूछताछ की। मीडियाकर्मियों से मोहन की बात न हो सके इसके चलते उसे बाइक से अस्पताल भेज दिया गया। मीडियाकर्मी उसका इंतजार करते रहे, लेकिन किसी को मोहन के आने की खबर नहीं हुई। धीरे से पुलिसकर्मी उसे लेकर बाइक से देल्हूपुर चौकी पहुंचे। यहां से किसी चार पहिया वाहन से उसे इलाहाबाद भेज दिया गया।
सिपाही को गोली लगने की खबर मिलते ही एसपी शगुन गौतम, एएसपी पूर्वी व रानीगंज सीओ ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। तत्काल बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसओ को निर्देश दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिपाही को गोली लगने के बाद हरकत में आई मानधाता पुलिस ने अकोढ़िया गांव में दबिश देकर एक बाइक व दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
सिपाही मोहन प्रसाद को गोली मारने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने बताया कि करीब दो वर्ष से थाने में मोहन प्रसाद की तैनाती है। वह इलाहाबाद का रहने वाला है। वसूली में भी उसका नाम आया है। वसूली के चक्कर में ही बदमाशों ने उसे गोली मार दी। हालांकि इस बात से पुलिस के आलाधिकारी इनकार कर रहे हैं।