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पूर्व एमएलसी समेत 29 के खिलाफ हत्या के प्रयास व लूट का केस

Sat, 24 Jun 2017 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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कब्रिस्तान के समीप आम के पेड़ को काटने को लेकर हुए बवाल में पूर्व एमएलसी समेत 29 के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट व बलवा का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बवाल के दौरान धार्मिक पुस्तक भी फाड़ दी गईं और पीड़ित को बंधक बनाकर फार्म हाउस पर रखा गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बब्बू राजा ने पूरी घटना को विरोधियों की राजनैतिक साजिश बताते हुए प्रशासन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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लालगंज कोतवाली के धरौरा निवासी सैय्याद अहमद पुत्र मो. आमीन का आरोप है कि बीती 21 जून को पूर्व एमएलसी आनंद भूषण सिंह उर्फ  बब्बू राजा व उनके समर्थक कब्रिस्तान के नाम दर्ज जमीन पर लगा आम को पेड़ जबरन कटवाने लगे। उसने पेड़ काटने का विरोध किया तो पूर्व एमएलसी आनंद भूषण सिंह उर्फ बब्बू राजा अपने समर्थक अजगरा निवासी रामहरख, मुल्तानीपुर निवासी दुष्यंत सिंह व दादुपुर निवासी देवनारायण यादव समेत 25 अज्ञात मारने के लिए दौड़ा लिया। जाने बचाने के लिए वह घर के भीतर गया तो हमलवर रायफल व तमंचा लेकर उसके घर घुस गए और जमकर तांडव मचाया। उसे जमकर पीटा गया और जाने से मार डालने के लिए असलहे से फायर झोंक दिया गया। किसी तरह उसकी जान बच गई। हमलावरों ने उसके घर में रखी नकदी व जेवर लूट लिया और तोड़फोड़ की।

आरोप है कि घर में रखी धार्मिक पुस्तक भी फाड़ दी गई। इसके बाद सय्याद को पूर्व एमएलसी के फार्म हाउस पर बंधक बनाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। बाद में किसी तरह पीड़ित जान बचाकर घर पहुंचा और परिजनाें को आपबीती सुनाई। घटना के दूसरे दिन पीड़ित ने लालगंज कोतवाली में पूर्व एमएलसी बब्बू राजा समेत चार नामजद व पचीस अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। जिस पर पुलिस से पूर्व एमएलसी समेत 29 हमलावराें के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, बलवा, तोड़फोड़ व धार्मिक पुस्तक फाड़ने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। पुलिस को कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उधर पूर्व एमएलसी बब्बू राजा का कहना है कि घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है। उनकी राजनैतिक छवि को खराब करने के लिए यह विरोधियों की साजिश है। प्रशासन को मामले की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए।
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