यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट अंग्रेजी द्वितीय प्रशभनपत्र की परीक्षा के दौरान हल प्रतियों के व्हाट्सएप पर वायरल होने से हड़कंप मच गया। लालगंज व सांगीपुर इलाके के बाजाराें में बेखौफ हुए नकल माफिया धड़ल्ले से हल प्रतियां बेचते रहे। बताया गया कि हल प्रतियां अंग्रेजी के प्रशभनपत्र कोड 323(एओ) की हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नों के मिलान के बाद इसकी पुष्टि भी हो गई। अफसराें ने प्रशभनपत्र आउट होने की बात से इंकार किया है।
जिले के परीक्षा केेंद्राें बुधवार को द्वितीय पाली में यूपी बोर्ड की द्वितीय प्रशभनपत्र की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने का समय दोपहर बाद दो बजे का था। लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही व्हाट्सएप पर अंग्रेजी द्वितीय प्रशभनपत्र की हल प्रतियां वायरल हो गई। वायरल होने के साथ साथ लालगंज व सांगीपुर इलाके में अंग्रेजी द्वितीय प्रश्नपत्र की हल प्रतियां नकल माफिया पांच सौ से लेकर हजार रुपये तक में बेचते रहे। पहले तो परीक्षार्थियाें को लगा कि वायरल हुई हल प्रतियां फर्जी भी हो सकती हैं। लेकिन पेपर खुला तो यह संशय दूर हो गया और हल प्रतियाें के उत्तर प्रशभनपत्र से पूरी तरह से मिल रहे थे।
परीक्षा समाप्त होने के बाद जब परीक्षार्थियाें को मिलने वाले प्रश्नपत्रों से उत्तरों का मिलान कराया गया तो पुष्टि हो गई कि इंटर के अंग्रेजी द्वितीय प्रशभनपत्र पेपर कोड संख्या 323(एओ) व्हाट्सएप पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही आउट हुआ था। साफ हो गया कि समूची परीक्षा के दौरान नकल माफियाओं का तिलिस्म तोड़ने में शिक्षा विभाग नाकाम रहा। प्रशभनपत्र आउट होने को लेकर विभागीय अफसरों से बात की गई लेकिन उनका वही रटा-रटाया जवाब मिला कि जिले में कहीं भी प्रशभनपत्र आउट नहीं हुआ है। बताया जाता है कि जिस पेपर कोड की हल प्रतियां वायरल हुई हैं, उसी कोड के प्रशभनपत्र जिले के अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे।