कंप्यूटर कोचिंग संचालक की गोली मारकर हत्या के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कंधई पुलिस की कार्यशैली पर आक्रोश जता रहे ग्रामीणों की सीओ सिटी से तीखी झड़प हो गई। एएसपी से ग्रामीणों ने कहा कि आप ही बताएं, कैसे कोई सुरक्षित है, जब घर के करीब घुसकर जान ली जा रही है। थानाध्यक्ष फोन तक नहीं उठा रहा है। आक्रोशित लोगों को समझाने में पुलिस को पसीना छूट गया।
कंधई थाना क्षेत्र के बिबियाकरनपुर निवासी कंप्यूटर कोचिंग संचालक की हत्या के बाद परिवार के लोगों के साथ ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जिला अस्पताल में ही लोग कंधई पुलिस के रवैए पर आक्रोश जताते हुए बोले कि बार-बार फोन करने के बाद भी एसओ ने काल रिसीव नहीं की। हंगामा कर रहे लोगों को एएसपी पूर्वी समझाने लगे। लोग बोल पड़े कि साहब घर में घुसकर गोली मारी जा रही है। कैसे कोई सुरक्षित है। घटना के लिए कंधई पुलिस जिम्मेदार है।
यदि पूर्व में हुई मारपीट व फायरिंग की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो शायद आज यह दिन न देखने को मिलता। 6 माह पहले सरखेलपुर के लोगों ने गांव में फायरिंग की थी। दो माह पहले भी अतुल से कुछ लोगों की तकरार हुई थी। मामले को पुलिस ने रफा-दफा कर दिया। यदि आरोपियों पर कार्रवाई हुई होती तो घटना टल सकती थी। अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। शव को कब्जे में लेने का प्रयास कर रही पुलिस से लोगों की तकरार होने लगी। सीओ सिटी अंजनी राय से भी लोगों की तीखी झड़प हुई। लोगों में पुलिस के रवैये पर आक्रोश दिखा।
छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों की करतूत तो नहीं
दीवानगंज में कंप्यूटर कोचिंग संस्थान में पढने वाली छात्राओं के साथ रास्ते में कुछ युवक छेड़छाड़ करते थे। मृतक अतुल के करीबियों की मानें तो मनचलों को उसने तीन दिन पहले टोका था। यह भी धमकी दी थी कि यदि उनकी हरकतें बंद न हुईं तो वह पुलिस से शिकायत करेगा। हो सकता उसकी खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया गया हो।