कटरामेदनीगंज/ अजगरा। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर सुखपालनगर के करीब एक पुलिस अफसर की कार से टक्कर लगने के बाद किशोर के घायल होने पर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। घायल किशारे और उसके साथ रहे राहगीर को पुलिसकर्मी कार से लेकर इलाज के लिए गए तो यहां दोनों के अपहरण की अफवाह फैल गई। नाराज ग्रामीणों ने सुखपालनगर तिराहे पर पहुंचकर हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचकर सीओ सिटी ने बहुत समझाया तब जाकर करीब दो घंटे बाद जाम खत्म कराया जा सका। उधर घायल किशोर को प्राथमिक उपचार के बाद लालगंज सीएचसी से इलाहाबाद रेफर किया गया है।
नगर कोतवाली के दुजई का पुरवा नविासी सुरेश सरोज कोटेदार है और सुखपालनगर में उन्होंने साइकिल मरम्मत की दुकान भी खोल रखी है। उसका भांजा नंदू सरोज (14) पुत्र उमेश सरोज निवासी बाबूपट्टी थाना रानीगंज अपने ननिहाल में रहता है। वह मूकबधिर है। सोमवार की सुबह वह अपने मामा की साइकिल की दुकान पर आ रहा था। हाईवे पार करने के दौरान लालगंज की ओर जा रही पुलिस अफसर की कार ने उसे टक्कर मार दी जिससे वह दूर जा गिरा। उधर से गुजर रहा गांव निवासी मुनीर घायल नंदू को उठाने लगा तो तभी कार से उतरे पुलिसकर्मियों ने दोनों को पुलिस वाहन में बैठा लिया और लालगंज की ओर चल दिए। इस दौरान कुछ लोगों ने कार का नंबर नोट कर लिया।
जानकारी पर सैकड़ों ग्रामीणों ने सुखपालनगर तिराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। वे कार व गायब किशोर व वृद्ध को बरामद करने की मांग पर अड़े थे। जाम में एक विधायक का काफिला भी फंस गया। हंगामे की खबर मिलने के बाद सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। इस बीच पता चला कि घायल किशोर को लालगंज अस्पताल ले जाया गया है। प्राथमिक इलाज के बाद उसे इलाहाबाद भेजा गया है। करीब दो घंटे बाद सीओ सिटी के समझाने पर लोगों ने जाम समाप्त किया। इस मामले में सीओ सिटी ने बताया कि कार नंबर लोगों ने बताया है उसकी खोजबीन की जा रही है। घायल किशोर की हालत खतरे से बाहर है।
मोहनगंज में रोकी थी कार
पुलिस अफसर की कार से घायल किशोर व ग्रामीण को ले जाने पर दोनों के अपहरण की अफवाह फैल गई। लोगों ने पुलिस को सूचना देकर कार पकड़ने की मांग की। पता चला कि कारसवार लोगों ने मोहनगंज बाजार में कार रोककर लोगों को बताया कि घायल किशोर को उपचार के लिए आगे अस्पताल ले जाया जा रहा है। इसके बाद लालगंज सीएचसी में घायल नंदू का उपचार कराया गया और उसे इलाहाबाद ले जाने की व्यवस्था कराई। उधर कुछ लोगों ने बाइक से कार का पीछा किया। लालगंज अस्पताल में किशोर की हालत ठीक देख परिवार के लोगों को जानकारी दी।
सुखपालननगर में नंदू सरोज को टक्कर मारने के बाद भाग रही कार किस पुलिस अफसर की है, इसे जिले की पुलिस भलीभांति जानती है। तभी तो मोहनगंज, लीलापुर के बाद लालगंज कोतवाली पुलिस ने भी मैसेज पास होने के बाद भी कार को रोकने की जोहमत नहीं उठाई। अफसर के आदेश के बाद ही लालगंज अस्पताल पहुंचे पुलिसकर्मी घायल किशोर को इलाहाबाद पहुंचाने का प्रयास करने लगे।