कोर्ट के एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि हथिगवां इलाके के रिवदिरपुर गांव निवासी हरिकृपाल मिश्र ने एक जनवरी 2016 को केस दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया था कि पड़ोसियों ने उसके बेटे इष्टदेव को गेहूं के खेत में जबरन पानी भरने का विरोध करने पर लाठी व कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई के दौरान गवाही के लिए न आने पर प्रयागराज के जीवन ज्योति अस्पताल के डॉ. एसपीएस चौहान व प्रकाश खेतान के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट के एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि हथिगवां इलाके के रिवदिरपुर गांव निवासी हरिकृपाल मिश्र ने एक जनवरी 2016 को केस दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया था कि पड़ोसियों ने उसके बेटे इष्टदेव को गेहूं के खेत में जबरन पानी भरने का विरोध करने पर लाठी व कुल्हाड़ी से हमला कर घायल कर दिया। घायल का उपचार व ऑपरेशन जीवन ज्योति अस्पताल के डॉक्टर एसपीएस चौहान व डॉ. प्रकाश खेतान ने किया था। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों डॉक्टर गवाही के लिए कोर्ट नहीं आ रहे हैं। इससे नाराज कोर्ट ने दोनों के खिलाफ जमानतीय वारंट जारी कर दिया है।
रिटायर दरोगा के खिलाफ वारंट जारी
अपर सत्र न्यायाधीश आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने पट्टी कोतवाली के रिटायर दरोगा फैयाज खां के खिलाफ वारंट जारी किया है। एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि रिटायर दरोगा की ओर से 10 अक्तूबर 2020 को पट्टी कोतवाली में फायरिंग व जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था। दरोगा के अनुसार, सुखऊ दुबौली गांव में 10 अक्तूबर 2020 की रात नौ लोगों ने मारपीट व फायरिंग की थी। घटना के दौरान संदिग्ध दशा में गोली लगने से एक महिला घायल हुई थी। इस मामले की विवेचना रिटायर दरोगा ने की थी। कोर्ट की ओर से कई बार बुलाने के बाद भी वह हाजिर नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने वारंट जारी किया है।