कोरोना के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए रविवार को जनता कर्फ्यू का हर ओर असर दिखा। परदेश से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अव्यवस्था से जूझना पड़ा। यहां थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर जांच की सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त नजर आईं।
यहां तक कि पद्मावत एक्सप्रेस से उतरे यात्री बिना जांच के ही अपने घरों में पहुंच गए। खबर लगते ही हड़कंप मच गया। डीएम-एसपी भागकर रेलवे स्टेशन पहुुंचे। यात्रियों की जांच में अव्यवस्था देख नाराजगी जताई। बाद में मुंबई से आने वाली साकेत एक्सप्रेस और हावड़ा से आई पंजाब मेल के यात्रियों की पुलिस घेराबंदी करने के बाद जांच कराने में पसीना बहाती रही।
रविवार को जनता कर्फ्यू का असर पूरे जिले में दिखा। यहां तक कि रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की व्यवस्था की गई थी लेकिन टीम के सदस्य पूरी तरह लापरवाह बने रहे। दिल्ली से आने वाली पद्मावत एक्सप्रेस से उतरकर यात्री अपने घरों को चले गए। उन लोगों को किसी ने रोका तक नहीं। इस बात की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव, सीएमएस डा. पीपी पांडेय को साथ लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे। पोर्टिको से बाहर दो दर्जन यात्रियों को देखकर सभी रुक गए। उनसे जानकारी लेने के बाद सभी रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां प्लेटफार्म नंबर एक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बैठी दिखी।
यात्रियों से पूछताछ की। यात्रियों की जांच कराने के लिए तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम की लापरवाही देख डीएम व एसपी ने नाराजगी जताते हुए स्टेशन अधीक्षक को बुलाया। आरपीएफ, जीआरपी व कोतवाली पुलिस को निर्देश दिया कि ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि ट्रेन से आने वाले यात्री जांच के बाद ही अपने घर जा सकें। स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बढ़ाने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद, एएसपी पश्चिमी दिनेश कुमार द्विवेद्वी, सीओ सिटी अभय पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अफसरों के जाने के बाद मुंबई से आई साकेत एक्सप्रेस से करीब नौ सौ यात्री ट्रेन से उतरे। जो नया माल गोदाम रोड क्रासिंग व पूर्वी छोर से अपने घरों को भागने लगे। जिन्हे पुलिस ने घेर लिया।
सभी को थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद ही जाने दिया गया। पंजाब मेल से उतरे यात्रियों की भी घेराबंदी कर उनकी स्क्रीनिंग कराई गई। अधिकारियों की नाराजगी के बाद रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त नजर आई। हालांकि शाम होने तक फिर पुराने ढर्रे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लौटती दिखी। रेलवे स्टेशन पर कुल 1275 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
रेलवे चिकित्सक को खोजते रहे अफसर
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच के लिए रेलवे अस्पताल की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। जिला अस्पताल की ओर से जांच टीम को तैनात किया गया था। जो यात्रियों का थर्मल स्क्रीनिंग करती रही। इस बीच रेलवे के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अफसर रेलवे अस्पताल के चिकित्सक की खोजबीन करने लगे लेकिन उनका पता नहीं चला। डीएम व एसपी ने जांच टीम से पूछताछ की तो पता चला कि कुछ देर पहले ही पहुंचे हैं और यात्रियों की जांच कर रहे हैं।