राज्य विश्वविद्यालय की आंतरिक परीक्षा पर कोरोना का संकट मंडरा रहा है। समय से परीक्षा न होने के कारण छात्र-छात्राओं का वार्षिक और सेमेस्टर शैक्षणिक सत्र पिछड़ रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के अगली कक्षाओं में दाखिले में भी विलंब होगा।
प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय ने स्नातक के साथ ही परास्नातक कक्षाओं की परीक्षा प्रणाली में बदलाव कर दिया है। स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को नए शैक्षणिक सत्र से तीन मध्यावधि परीक्षाएं देनी होंगी। विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार सेमेस्टर प्रणाली के छात्रों की मध्यावधि परीक्षाएं एक नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होनी थीं।
मध्यावधि परीक्षाओं के साथ शिक्षण कार्य 22 जनवरी तक पूर्ण होना था। वहीं वार्षिक प्रणाली के छात्रों की भी मध्यावधि परीक्षाएं होनी थीं। नई परीक्षा प्रणाली के कारण अधिकांश कॉलेज दिसंबर तक आंतरिक परीक्षाएं नहीं करा पाए। विश्वविद्यालय ने दोबारा अवसर देते हुए जनवरी में परीक्षा कराकर प्राप्तांकों को ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया, लेकिन कोरोना के कारण 10 दिसंबर से कॉलेज बंद चल रहे हैं।
जिससे कॉलेजों में परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षण कार्य 22 जनवरी तक पूरा करना था, लेकिन कोरोना के कारण कॉलेज बंद चल रहे हैं। जिससे शिक्षण कार्य नहीं हो पा रहा है। परीक्षाएं भी नहीं हो पा रही हैं। इस कारण छात्र-छात्राओं का शिक्षण सत्र काफी पिछड़ गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं का अगली कक्षा में दाखिला विलंब से होगा।
नही चल रही वेबसाइट
शिक्षकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के आदेश पर पहली मध्यावधि परीक्षाएं करा ली गई हैं, लेकिन विश्वविद्यालय की वेबसाइट चालू न होने के कारण छात्र-छात्राओं के प्राप्तांकों को ऑनलाइन अपलोड नहीं किया जा सका है। विश्वविद्यालय से शिकायत करने के बावजूद वेबसाइट अभी चालू नहीं की जा सकी हैं।
कोरोना के कारण महाविद्यालयों को 23 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया गया। स्थिति सही होने पर शैक्षणिक सत्र के अंदर परीक्षाएं कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट चल रही है। किसी तरह की समस्या होने पर छात्र और शिक्षक विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। एसके शुक्ल, कुलसचिव