राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज शिवसत में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कंप्यूटर साइंस की सभी सीटें समय से पहले ही भर गईं। वहीं, दूसरे पाठ्यक्रमों की सीटों के लिए काउंसलिंग चल रही है। रानीगंज के शिवसत में भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की कक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हो गईं।
दरअसल, साल 2017 में इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण का प्रस्ताव शासन ने स्वीकृत किया था। 48.50 करोड़ रुपये बजट से साल 2022 से निर्माण कार्य शुरू किया गया। जुलाई 2025 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था ने भवन को एकेटीयू विश्वविद्यालय लखनऊ को हैंडओवर कर दिया। एक अगस्त से नए भवन में प्रशासनिक कार्य शुरू किया गया।
सोमवार से कॉलेज में पठन-पाठन का कार्य भी शुरू कर दिया गया। इसके पूर्व सत्र 2022-23 और 2023-24 के 205 विद्यार्थियों का पठन-पाठन केएनआईटी सुल्तानपुर में चल रहा था। वहीं, नए शैक्षिक सत्र 2025-26 के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को विद्यार्थियों ने कॉलेज पहुंचकर काउंसलिंग कराई।
कॉलेज में कंप्यूटर साइंस, इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग की 75-75 सीटें हैं। हालांकि चौथे राउंड की चल रही काउंसलिंग में कंप्यूटर साइंस की सीटें भर गई हैं। अब तक नए सत्र में 100 विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
एआई पाठ्यक्रम की भी होगी पढ़ाई
साल 2026 से इंजीनियरिंग कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की भी पढ़ाई शुरू होगी। कंप्यूटर साइंस एआई एंड एमएल, इन्फाॅर्मेशन टेक्नालॉजी के 75-75 सीटों की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए पाठयक्रम में कंप्यूटर एप्लीकेशन की पढ़ाई भी जोड़ी जाएगी। वहीं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्मार्ट मैन्यूफैक्चरिंग पाठ्यक्रम को भी जोड़ा जाएगा। कॉलेज में पठन-पाठन के लिए 100 कंप्यूटर सिस्टम का लैब तैयार किया गया है। कॉलेज परिसर सीसीटीवी कैमरा और वाईफाई से लैस है।
शिक्षक, कर्मचारियों की चल रही भर्ती प्रक्रिया
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर वाईएन सिंह ने बताया कि प्रोफेसर के 60 पद स्वीकृत हैं। प्रोफेसर के 12, एसोसिएट प्रोफेसर के 18 व शेष पद असिस्टेंट प्रोफेसर के हैं। 90 पद अधिकारी और कर्मचारियों के स्वीकृत हैं। शिक्षक और कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल विद्यार्थियों के पठन-पाठन को नियमित रखने के लिए आईआईटी बीएचयू और पटना से पढ़ाई पूरी कर चुके 20 युवाओं को संविदा के तौर पर शिक्षक पद पर नियुक्ति दी गई है। 80 इकाई क्षमता वाले हॉस्टल का निर्माण भी करीब-करीब पूरा कर लिया गया है। सितंबर माह से विद्यार्थियों को हॉस्टल आवंटित किया जाएगा।