कंधई थाना क्षेत्र के गुतौली में सोमवार की सुबह बिहार व प्रयागराज की दो युवतियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने की खबर पर हंगामा हो गया। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन के बाद एक बुजुर्ग को हिरासत में लेने पर महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं। आरोपी बताए जा रहे दोनों युवक घर पर नहीं मिले। हालांकि पूछताछ में युवतियों ने दोनों युवकों से रजामंदी से विवाह करने की बात कही।
कंधई थाना क्षेत्र के गुतौली में नट बिरादरी के कुछ परिवारों का कई सालों से डेरा है। सोमवार को इलाके में यह खबर तेजी से फैली कि बिहार प्रांत के भभुआ की रहने वाली रीमा कुमारी व प्रयागराज जनपद के सोरांव के दहिया की रहने वाली कोमल का कुछ लोग धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। खबर फैलने के बाद गुतौली में लोगों का जमघट लगने लगा। कुछ लोगों ने मामले की शिकायत कंधई पुलिस से कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद एक बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया। इस पर महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं। वे कार्रवाई का विरोध करते हुए अपना पक्ष रखने लगीं।
युवतियों को लाने वाले दोनों युवक घर पर नहीं मिले। ग्रामीणों का आरोप था कि 10 दिन से अधिक समय से दोनों युवतियों को लाकर रखा गया है। दोनों को बंद कमरे में रखा जाता है। विश्व हिंदू परिषद के रजनीश तिवारी समेत दूसरे संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ के बाद उनके परिवार के लोगों से बातचीत की। प्रयागराज से कोमल की मां भी गुतौली पहुंच गई। पुलिस के अनुसार कोमल ने बताया कि 18 अगस्त को उसने निसार अहमद से हिंदू रीति रिवाज से विवाह किया है। रीमा ने बताया कि उसने शाहरुख उर्फ बृजेश से 21 मार्च को विवाह किया है। विवाह के बाद से दोनों गुतौली में आकर रहने लगी हैं। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि युवतियों के परिवार वालों ने रजामंदी से उनकी शादी की बात स्वीकार की है।
तहरीर देने वाले काटने लगे कन्नी
कंधई के गुतौली में धर्म परिवर्तन को लेकर होहल्ला मचाते हुए तहरीर देने वाले शाम होते-होते खामोश हो गए। युवती व उनके परिवार वालों द्वारा हकीकत बताने के बाद वे मामले से कन्नी काटने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस मुस्तैद रही।
गैर इरादतन हत्या के आरोपी को सात साल की सजा
गैर इरादतन हत्या के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार ने सात साल कैद और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। पट्टी कोतवाली के कंजा सरायगुलामी के रहने वाले अमरनाथ ने 28 अकतूबर 2010 को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके चचेरे भाई पृथ्वीपाल को लेकर 26 अक्तूबर के दिन रिश्तेदार प्रेम वर्मा निवासी कस्तूरीपुर अपने साथी हीरालाल के साथ करैला बाजार जनरेटर लेने गए थे। वहां से जनरेटर लेकर लौटते समय सभी कोनी बाजार रुक गए। वहां प्रेम वर्मा का एक साथी और मिल गया। चारों ने कोनी बाजार में नहर की पुलिया पर बैठ कर शराब प ी। वहीं किसी बात को लेकर प्रेम वर्मा और उसके दोस्तों से पृथ्वीपाल के बीच हाथापाई होने लगी। हाथापाई के दौरान प्रेम वर्मा व उसके दोस्तों ने पृथ्वीपाल को धक्का दे दिया। वह नहर में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रेम वर्मा को जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार ने प्रेम वर्मा को सात साल की सजा व बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी रवींद्र कुमार सिंह ने की।