अवैध कोचिंग संस्थानों का भांडा फोड़ने वाले ‘अमर उजाला’ की पहल बुधवार को रंग लाई। डीआईओएस ने औचक छापेमारी कर पड़ताल शुरू की तो तमाम संचालक कोचिंग बंद कर भाग निकले। इस दौरान उन्होंने लगभग एक दर्जन कोचिंग संस्थानों की पड़ताल की। डीआईओएस की गाड़ी देख संचालक बंद कर भाग निकले। जांच में कुछ ऐसे भी कोचिंग संस्थान मिले हैं जो बगैर रजिस्ट्रेशन के ही चल रहे थे। डीआईओएस ने ऐसे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा है।
डीआईओएस ने अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सभी तहसीलों में एक-एक और मुख्यालय पर दो टीमें गठित की हैं। इन दोनों का नेतृत्व एडीआईओएस और जीआईसी के प्रिंसिपल करेंगे। बुधवार को डीआईओएस ने जीजीआईसी के पीछे स्टैंडर्ड कोचिंग सेंटर, शिशिर सर क्लासेज बाबागंज, स्कूल ऑफ क्रिएटिव लर्निंग का निरीक्षण कर बच्चों की संख्या के अनुरूप रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है। मॉडर्न साइंस स्कूल जोगापुर के औचक निरीक्षण में शिक्षक कोचिंग पढ़ाते मिले जबकि शिक्षकों ने अपनी सफाई में एक्स्ट्रा क्लास पढ़ाने की बात कही। सरोज चौराहा स्थित उज्ज्वल कोचिंग सेंटर, स्कूल ऑफ क्रिएटिव लर्निंग का रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर संचालक को फटकार लगाई।
डीआईओएस के औचक निरीक्षण की जानकारी सरोज चौराहा स्थित दृष्टि कोचिंग सेंटर, महाराजा आश्रम स्थित धनंजय कोचिंग सेंटर, मीरा भवन चौराहा स्थित सेंटर फार एक्सीलेंस, गायघाट रोड स्थित ओम साईं एजूकेशन क्लासेज, एमडीपीजी रसायन विज्ञान के शिक्षक अरुण कुमार शुक्लको हुई तो वे कोचिंग बंद कर भाग निकले। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने कोचिंग संचालकों को चेताया है कि अवैध कोचिंग चलाने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। पट्टी जीजीआईसी की प्रिंसिपल शैल सिंह ने उड़ैयाडीह स्थित सत्यम कोचिंग सेेंटर और निरंजन कोचिंग सेंटर का औचक निरीक्षण कर संचालक को फटकार लगाई। चेताया है कि बगैर रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।