परिवहन निगम की बसें काल बनकर दौड़ रही हैं। अधिकांश बसों में ब्रेक कम लगता है तो कुछ में साइड ग्लास ही नहीं है। इसका उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। जब शाम को एक महिला कर्मचारी को निगम की बस ने रौंद दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
प्रतापगढ़ डिपो में परिवहन निगम की 53 बसे हैं। इनमें से अधिकांश खटारा हो चुकी हैं। बस लेकर सड़क पर निकलने में चालक डरते हैं। एक चालक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि बीते चार माह पहले डिपो में वह बस का ब्रेक लगा रहा था। ब्रेक नहीं लगा, जिसके चलते बस दुर्घटना ग्रस्त हो गई थी। एक ने बताया कि वर्कशाप न होने के कारण बगैर मरम्मत बस को फोर मैन चालक को हैंडओवर कर दिया जाता है।
मृतका के बेटे की तहरीर पर मकैनिक के खिलाफ मुकदमा
परिवहन निगम के वर्कशाप में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात सरला को सोमवार शाम बस ने रौंद दिया। इससे उसकी मौत हो गई। मामले में सरला के बेटे धर्मराज की तहरीर पर बस मकैनिक दिलीप के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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सभी बसों में ब्रेक लग रहा है। साइड ग्लास हो सकता है कि किसी में टूट गया हो। उसे तत्काल बदलवाने के लिए फोरमैन को निर्देश दे रहा हूं। सरला की मौत के पीछे लापरवाही हुई है।
पीके कटियार, एआरएम।