दिव्यांग कंचन की मौत के मामले में उसके छोटे भाई मनीष ने पुलिस को तहरीर दी है, जिसके आधार पर 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया गया है। दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मनीष का आरोप है कि भाई सचिन, शशि और ऋषि ने फर्जी तरीके से डंडवा रंजीतपुर चिलबिला निवासी अजय यादव उर्फ श्याम यादव व माधोगंज महुली निवासी सौरभ जायसवाल के नाम मौर्या मार्केट स्थित दुकानों का फर्जी इकरारनामा कर दिया था। दो दुकानों पर जबरन कब्जा करके ताला लगा दिया गया। इस बात को लेकर बहन कंचन(45) परेशान रहती थी।
चिलबिला निवासी अजय यादव, सुनील यादव, महुली माधोगंज निवासी सौरभ जायसवाल, प्रिंस जायसवाल, चिलबिला कोट के आशीष सिंह, शुभम सिंह, कंधई थाना क्षेत्र के जोगीपुर निवासी राजशेखर यादव अपने साथियों के साथ अवैध असलहा लेकर घर आते थे। परिवार से गाली गलौज कर दुकान पर कब्जा करने की धमकी देते थे। प्रतापगढ़ छोड़ने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।
डरी-सहमी बहन ने कई बार पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बावजूद भी उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। इसी से आहत होकर कंचन ने 26 नवंबर की सुबह ब्यूटी पार्लर में फांसी लगाकर जान दे दी।
पुलिस ने सचिन जायसवाल, शशि जायसवाल, ऋषि जायसवाल, अजय यादव उर्फ श्याम यादव, सौरभ जायसवाल, प्रिंस जायसवाल, सुनील यादव, शुभम सिंह उर्फ विनय सिंह, आशीष सिंह, राजशेखर यादव समेत एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि श्याम यादव और राजशेखर को हिरासत ले लिया गया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कंचन की मौत फांसी लगाने के कारण हुई है।
इनसेट
अधिवक्ता को दी धमकी, मुकदमा
नगर कोतवाली क्षेत्र के चिलबिला बाजार निवासी अधिवक्ता अनूप कुमार शुक्ला ने मृतका कंचन के मामले में पुलिस से पैरवी की थी। आरोप है कि रविवार की शाम पांच बजे साथी राहुल वैश्य के साथ बाइक से मौर्या चौराह गए थे। घर जाते समय गांधी आश्रम गली के पास चिलबिला निवासी सोमदत्त मौर्य ने दो साथियों के साथ उसे रोक लिया। चिलबिला के ही एक व्यक्ति का हवाला देते हुए कहा कि वह नहीं है, नहीं तो तुम अपनी जान से जाते। धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने सोमदत्त मौर्य समेत दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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घटनास्थल नहीं पहुंचे मंडलायुक्त
सोमवार को कंचन का शव पहुंचने के बाद लोगों में चर्चा रही कि जिलाधिकारी संजीव रंजन छुट्टी पर थे। मतदाता पुनरीक्षण अभियान का निरीक्षण करने के लिए मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत प्रतापगढ़ आए थे। घटना की जानकारी प्रशासन को थी, मगर मंडलायुक्त घटना स्थल नहीं पहुंचे।
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पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए पुलिस और राजस्व विभाग में कार्रवाइयां की गई हैं। घटना दुखद है, पारिवारिक संपत्ति विवाद के चलते ऐसा हुआ। दोषियों की गिरफ्तारी भी कराई जा रही है।
- संजीव रंजन, जिलाधिकारी