कम समय में धन दोगुना करने के लालच में जिले के 1,55,813 लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई को चिटफंड कंपनियों को बांट दिया।
अब ये लोग तहसीलों में आवेदन करके मूल धन की मांग कर रहे हैं। फिलहाल शिकायतों का पुलिंदा तैयार हो गया है, मगर ग्राहकों को चूना लगाने वाली कंपनियां धनराशि वापस भी करेंगी या नहीं। इसके कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
यह चौंकाने वाला आंकड़ा उन लोगों का है, जिन्होंने ठगी का शिकार होने के बाद अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं।
ठगी के शिकार लोगों की पीड़ा सुनने के लिए शासन ने पत्र जारी करके जिला प्रशासन से कहा था कि ग्राहकों के रुपये लेकर भागने वाले चिटफंड कंपनियों के साथ ही ग्राहकों की कितनी धनराशि है। इसका डाटा एकत्रित करने के लिए जिले की पांचों तहसीलों और एडीएम कार्यालय में शिकायतें ली जा रही है। तीन माह से शिकायतें लेने का दौर चल रहा है, हालांकि अभी अंतिम तिथि भी नहीं आई है। मगर तहसीलों पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है।
जिले भर में अभी तक 1,55,813 शिकायतें आई हुई हैं। शिकायत करने वालों ने साक्ष्य के साथ ही रुपये लेकर फरार होनी वाली कंपनियों के नाम और धनराशि की जानकारी दी है। सबसे अधिक पट्टी तहसील के लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
जहां अभी तक 35,296 शिकायतें आई हैं। मगर शिकायतों की संख्या इतनी अधिक है कि तहसील प्रशासन यह आंकड़ा अभी नहीं तैयार कर पाया है कि कितनी धनराशि लेकर चिटफंड कंपनियां फरार हुई हैं।
फिलहाल तहसीलों में जो शिकायतें ली जा रही हैं, उसका निस्तारण कैसे होगा, ठगी के शिकार लोगों को वह रकम मिलेगी या नहीं। इसकी अनिश्चितता बनी हुई है।
इनसेट
तहसीलों में प्राप्त शिकायतों का विवरण
तहसील का नाम संख्या
सदर - 32,536
रानीगंज - 18,936
कुंडा - 27,218
पट्टी 35,296
लालगंज - 22,827
एडीएम कार्यालय - 19,000
वर्जन-
ठगी के शिकार लोगों के ऑफलाइन शिकायत करने के साथ ही ऑनलाइन शिकायत करने का मौका दिया गया है। अभी कोई अंतिम तिथि नहीं आई है। शिकायतें आ रही हैं, इसलिए अभी धनराशि का विवरण नहीं एकत्रित किया गया है।
त्रिभुवन विश्वकर्मा, एडीएम