विश्वनाथगंज विधानसभा को दो भागों में विभक्त करने वाली सई नदी से अलग हुए हिस्से को जोड़ने के लिए योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में तीन पुलों की सौगात दी थी। इनमें दो के लिए बजट कम पड़ने से पांच साल से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। वहीं, नेवादा-बहुचरा घाट पर पुल तैयार पर संपर्क मार्ग नहीं होने से ग्रामीणों के लिए निरर्थक साबित हो रहा है।
वर्ष 2018-19 में विश्वनाथगंज विधानसभा के खजुरी-बरेंदघाट पर 11.39 करोड़, छतरपुर- तेजगढ़ घाट पर 14. 35 करोड़ और नेवादा-बहुंचरा घाट पर पुल के निर्माण के लिए 11.80 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। खजुरी-बरेंदघाट पर निर्माण का कार्य तीन साल से ठप है। खजुरी-बरेंदघाट और छतरपुर-तेजगढ़ घाट का निर्माण कार्य भी तीन साल से ठप है। विभागीय लोगों का कहना है कि निर्माण को मिली धनराशि कम पड़ गई है। अब बजट को रिवाइज कर शासन से मांग की गई है। वहीं, गड़वारा के पास साधोपुर गांव के निकट नेवादा-बहुचरा घाट पर पुल तैयार है पर दोनों ओर संपर्क मार्ग नहीं बना है। सेतु निगम के सहायक अभियंता हरि भजन ने बताया है कि खजुरी-बरेंद, छतरपुर-तेजगढ़ घाट पर निर्मित पुल के निर्माण का रिवाइज स्टीमेट शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
वेतन में खर्च कर दिए निर्माण के रुपये
छतरपुर-तेजगढ़ घाट पर पुल निर्माण के लिए आए बजट को वेतन मद में खर्च कर दिया गया है। इसके चलते निर्माण कार्य ठप है। वहीं, सेतु निगम ने रिवाइज स्टीमेट बनाकर बजट मांगा है ।
Iछतरपुर और खजुरी घाट पर पुलों के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। नेवादा-बहुचरा घाट पर निर्मित पुल पर पहुंच मार्ग बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को कहा गया है। जल्द ही संपर्क मार्ग का निर्माण हो जाएगा। II
-त्रिभुवन विश्वकर्मा, एडीएम I
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Iनेवादा-बहुचरा घाट पर निर्मित पुल के दोनों ओर संपर्क मार्ग बनाने के लिए शासन से धनराशि की मांग की गई है। बजट मिलते ही पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य शुरू जाएगा। I
I-ओपी चौरसिया, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभागI