अमेरिका से बेटी की शादी के लिए आया परिवार हल्दी की रस्म के दौरान खुशी का इजहार करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
पहली ही मुलाकात में दोनों ने एक-दूसरे को नंबर दिया। इसके बाद उनकी दोस्ती इतनी गहरी हुई कि दोनों ने एक दूसरे के साथ सात जन्मों के बंधन में बंधने का फैसला कर लिया। पहले तो माता-पिता उनकी शादी को राजी नहीं हुए, मगर चाचा दुर्गेश सिंह की पहल रंग लाई।
उन्होंने घर के लोगों को तैयार कर लिया।लॉरेन ओमहेन को भारतीय संस्कृति इतनी भा गई कि वह महंगे होटलों के बजाय भारतीय रीति रिवाज के साथ ब्याह रचाने के लिए मां मैरी जॉय ओमहेन और पिता बैरी ओमहेन के साथ रवि प्रकाश के गांव पूरे माधव सिंह आ गईं।
शनिवार को गांव में हल्दी की रस्म में लॉरेन ओमहेन और रवि प्रकाश तो झूमते नजर आए ही, परिजन और गांव वाले भी खुशी में मगन रहे। रविवार को गांव में ही रवि प्रकाश के घर के सामने ही भारतीय परंपरा के अनुसार दोनों परिणयसूत्र में बंधेंगे। जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं।
प्रतापगढ़ में शादी के लिए अमेरिका से आयी लड़की हल्दी की रस्म के दौरान दुल्हे के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
विदेशी बहू ने की देशी खाने की फरमाइश
शादी रचाने के लिए अमेरिका से आई लॉरेन ओमहेन के साथ बारह लोग आए हुए हैं। सभी के लिए चाइनीज, इटैलियन और थाई व्यंजनों के इंतजाम किए जाने की तैयारी थी। मगर विदेशी बहू ने देशी व्यंजनों की फरमाइश कर दी। लिहाजा सभी लोग रोटी, दाल, चावल खा रहे हैं। रवि के चाचा दुर्गेश सिंह ने बताया कि खाने के लिए पहले पूछा गया था, मगर उन्होंने कहा कि जो सब लोग खाएंगे, वही हम भी खाएंगे। मगर खाने में दाल, चावल, रोटी जरूर होनी चाहिए।