जिले में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में अहम भूमिका निभाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ फ्रंट लाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में ऐसे 24 हजार लोगों को बूस्टर डोज दी जाएगी। उधर, तीन जनवरी से किशोरों को भी टीका लगाया जाएगा। इसके लिए 150 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिह्नित विद्यालयों में जाकर टीकाकरण करेंगी।
जिले में दस जनवरी से बूस्टर डोज देने की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए 12 हजार हेल्थ और 12,500 फ्रंटलाइन वर्कर्स को चिह्नित किया गया है। हेल्थ वर्कर्स में सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों के कर्मचारी शामिल हैं। इस अभियान के साथ-साथ मार्च माह में टीका लगवाने वाले बुजुर्गों को प्रतिरक्षित किया जाएगा। मार्च में टीका लगवाने वाले गंभीर बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों को भी बूस्टर डोज दी जाएगी। हालांकि इसके लिए डॉक्टरों की सलाह जरूरी होगी।
जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि तीन जनवरी से शुरू होने वाले वैक्सीनेशन के लिए गांव में बनने वाले बूथ या फिर विद्यालय में जाने वाली टीमों से किशोर टीकाकरण करवा सकते हैं। जिले के ढाई लाख किशोरों को टीकाकरण के लिए चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि उन स्वास्थ्यकर्मियों को बूस्टर डोज दी जाएगी, जिन्हें पहली डोज के बाद दूसरी डोज लगे नौ माह हो चुके हैं।