राज्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को अब डिग्री के लिए राज्य विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। परीक्षा परिणाम आने के एक माह बाद उन्हें उनके कॉलेज में ही डिग्री मिल जाएगी। राज्य विश्वविद्यालय की इस पहल से जिले के करीब दस हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को फायदा होगा।
प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय प्रयागराज से संबद्ध कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को अंकपत्र तो कॉलेजों से मिल जाते हैं, लेकिन डिग्री के लिए उन्हें राविवि के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रोविजनल डिग्री ही मिलती है। आम तौर पर छात्र डिग्री के लिए तभी आवेदन करते हैं, जब उन्हें अचानक जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी होती है। इन मुसीबतों को कम करने के लिए राविवि ने इसी सत्र से नई व्यवस्था लागू कर दी है।
कॉलेजों को छात्र-छात्राओं से परीक्षा शुल्क के साथ डिग्री के लिए 50 रुपये से भी कम शुल्क भी जमा करवाना होगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तीर्ण छात्रों का अंकपत्र जारी होने के करीब एक माह के अंदर सभी कॉलेजों को डिग्री भी मिल जाएगी। राविवि को भी डिग्री के रखरखाव के लिए व्यवस्था नहीं करनी होगी।
हर वर्ष जारी होगी डिग्री
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एसके शुल्क ने बताया कि इसी सत्र से छात्र-छात्राओं की डिग्रियां कॉलेजों को उपलब्ध करा दी जाएंगी। हर वर्ष कॉलेजों से उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को डिग्री दी जाएगी। सहूलियत के लिए यह व्यवस्था कुलपति के आदेश पर लागू की गई है। कॉलेजों को आदेेश दिया गया है कि वह परीक्षा शुल्क के साथ डिग्री शुल्क भी जमा कराएं और समय से राविवि को उपलब्ध कराएं। जिससे दीक्षांत समारोह समाप्त होने के बाद कॉलेजों को डिग्री उपलब्ध करा दी जाएं।