कंधई थाना क्षेत्र के इटवा अनहवना गांव में तालाब के पास छोड़े गए राष्ट्रीय पक्षी सारस को बाइक सवार उठा ले गए। सारस ग्रामीणों से काफी घुल मिल गया था। वह लोगों के साथ बैठकर खाता पीता था, जिससे ग्रामीणों का उससे काफी लगाव हो गया था। उसके गायब होने पर ग्रामीणों में काफी गुस्सा है, लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।
कंधई थाना क्षेत्र के इटवा अनहवना गांव के तालाब में दो माह पहले बुलेरो से आए कुछ लोग राष्ट्रीय पक्षी सारस को छोड़कर चले गए थे। इंसानों से इस पक्षी का बहुत लगाव था। वह प्रतिदिन सुबह शाम आसपास के लोगों के पास आकर बैठ जाता था। लोग उसे बिस्किट, नमकीन, मठरी आदि खिलाते थे। वह फिर वापस तालाब के पास चला जाता था। गांव के अनिल कुमार, राजेंद्र कुमार ने कई बार वन विभाग व स्थानीय पुलिस को अवगत कराया था कि इसकी देखरेख की जाए।
आरोप है कि वन विभाग व पुलिस ने इस मामले में कोई रुचि नहीं दिखाई। शुक्रवार शाम पांच बजे बाइक पर दो युवक पहुंचे और सारस पक्षी को लेकर चले गए। इससे गांव में खलबली मच गई। शनिवार सुबह से ही ग्रामीणों सारस को खोजते रहे, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। बताया जा रहा है कि सारस कुसमी के ग्राम प्रधान का था। इस मामले में प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ तो उसने सारस को तालाब के पास छोड़ दिया था।
राष्ट्रीय पक्षी के गायब होने की चर्चा दिनभर ग्रामीणों की जुबान पर रही। इस संबंध में संडवा चंदिका के वन रेंजर अमर जीत मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है, फिर भी जांच कराकर कारवाई की जाएगी। ग्राम प्रधान ने बताया कि घटना की जानकारी है। इसकी शिकायत की जाएगी।