हाईस्कूल 2018 की परीक्षा में मंडल में चौथा और प्रदेश में 66वां स्थान हासिल करने वाला बेल्हा वर्ष 2019 की परीक्षा में प्रदेश में तीन पायदान नीचे खिसककर 69वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि मंडल में चौथा स्थान बरकरार रखने में सफल रहा है। इंटरमीडिएट वर्ष 2018 की परीक्षा में जिले को मंडल में चौथा और प्रदेश में 75वां स्थान मिला था, वहीं इस वर्ष 2019 की परीक्षा में मंडल में तीसरा और प्रदेश में 65वां स्थान मिला है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक बेहतर रहा है। 2018 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 6त्र्8.12 प्रतिशत और इंटरमीडिएट के 53.65 -प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए थे। वर्ष 2019 में हाईस्कूल में 72 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 61.8 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं।
हाईस्कूल 2018 की परीक्षा में मंडल में चौथा और प्रदेश में 66वां स्थान हासिल करने वाला बेल्हा वर्ष 2019 की परीक्षा में प्रदेश में तीन पायदान नीचे खिसककर 69वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि मंडल में चौथा स्थान बरकरार रखने में सफल रहा है। इंटरमीडिएट वर्ष 2018 की परीक्षा में जिले को मंडल में चौथा और प्रदेश में 75वां स्थान मिला था, वहीं इस वर्ष 2019 की परीक्षा में मंडल में तीसरा और प्रदेश में 65वां स्थान मिला है।
इंटर में फेल हो गए 20,019 परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड की परीक्षा में ऐसा पहली बार हुआ जब इंटरमीडिएट की परीक्षा में सभी विषयों के एक-एक पेपर हुए। पूर्व के वर्षों में प्रत्येक विषय के प्रथम और द्वितीय अर्थात दो-दो पेपर होते थे। 50-50 अंकों की परीक्षा होने के कारण परीक्षार्थियों का अगर एक प्रश्नपत्र खराब होता था तो वह दूसरे में सुधार करने का प्रयास करते थे। मगर इस वर्ष ऐसा नहीं हुआ। इसका परिणाम रहा कि 20,019 परीक्षार्थी फेल हो गए हैं।
जबकि हाईस्कूल में फेल होने वाले परीक्षार्थी पूरक परीक्षा में शामिल होकर पास हो सकते हैं। वर्ष 2019 की हाईस्कूल परीक्षा में जिले के 17,149 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 20,019 परीक्षार्थी फेल हुए हैं। फेल होने वालों की तादाद इंटरमीडिएट में अधिक है। इंटरमीडिएट में जो परीक्षार्थी फेल हुए हैं, उन्हें अब उसी कक्षा में पढ़ना होगा। जबकि हाईस्कूल में फेल होने वाले परीक्षार्थी पूरक परीक्षा में शामिल होकर अगली कक्षा में प्रवेश पा सकते हैं।