जिले में चुने जाने वाले सातों विधायक जीत का जश्न नहीं मना सकेंगे। जिला प्रशासन ने विजय जुलूस पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही आतिशबाजी करने वाले समर्थकों पर मुकदमा दर्ज करने को कहा है। जिले में धारा -144 लागू होने का हवाला देते हुए अफसरों ने साफ किया है कि किसी भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी को मतगणना के अवसर पर किसी प्रकार की भीड़ एकत्रित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
मतगणना के बाद जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने विजयी प्रत्याशियों के जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। एडीएम सुनील शुक्ला ने बताया कि मतगणना स्थल पर एवं उसके चारों तरफ 200 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन, कार्डलेस, वाकी-टाकी का प्रयोग कोई नहीं करेगा। मतगणना स्थल पर एवं उसके चारों तरफ 200 मीटर की परिधि में मदिरा व किसी नशीले पदार्थ का सेवन नहीं हो सकेगा।
किसी भी प्रत्याशी के समर्थक प्रत्याशी के पक्ष या विपक्ष में किसी प्रकार की नारेबाजी, उत्तेजना फैलाने वाले या सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले प्रचार नहीं करेंगे। राजनैतिक दलों के सदस्य भारत निर्वाचन आयाग से जारी आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन करेंगे। मतगणना के दिन सार्वजनिक स्थानों पर रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल, बंदूक अथवा घातक हथियारों की मनाही है। लाउडस्पीकर का प्रयोग रात 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक किसी भी प्रकार से नहीं किया जाएगा।