जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और दुरस्त किया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा तैयारियों में जुटा है। शासन ने जनपद में 120 नए उपकेंद्र खोले जाने की मंजूरी दी है। इससे नवदंपती को प्रेग्नेंसी जांच, गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने सहित अन्य जांचों के लिए सीएचसी और पीएचसी के चक्कर नहीं काटने होंगे।
जिले में 22 सीएचसी व 55 पीएचसी का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही अर्बन स्वास्थ्य उपकेंद्र भी है। इसमें से एक केंद्र अजीत नगर में चलता है। इसके बावजूद उपकेंद्रों की कमी महसूस की जा रही थी। जिले में कई ऐसे गांव हैं जो अस्पतालों से काफी दूर हैं। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए सीएमओ ने बीते वर्ष 120 नए उपकेंद्र बनाने के लिए शासन को डिमांड भेजी थी। अब इसे मंजूरी मिली है। इससे मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
इसमें अमरगढ़ में छह, बाबागंज में 6, बेलखरनाथ 1, गौरा में 15, कालाकांकर में 6, कोहड़ौर में 17, लालगंज में 2, लक्ष्मणपुर में 8, मानधाता में 12, पट्टी में 4, संग्रामगढ़ में 6, सदर, संडवा और सांगीपुर में पांच-पांच, शिवगढ़ में 11, बिहार में 7 और कुंडा में दस उपकेंद्र की स्थापना की जाएगी। डीसीपीएम नाजिम ने बताया कि शासन की ओर से लिस्ट भेजी गई है। उपकेंद्र बनने से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। कर्मचारी, उपकरण के साथ दवाओं के लिए शासन को डिमांड भेजा गया है।
कुंडा में यहां बनेेंगे नए उपकेंद्र
सीएचसी प्रभारी डा. राजीव त्रिपाठी ने बताया कि महराजपुर, बछरौली, साजा, जहानाबाद, सुजौली, बछंदामऊ, शाहपुर, शेखपुर आशिक, सहाबपुर, मौली गांव में उपकेंद्रों का संचालन किया जाएगा। इन उपकेंद्रों के संचालित होने से प्रसव से लेकर अन्य कार्यों में आसानी होगी।
जिले में 120 उपकेंद्रों की स्थापना के लिए शासन को डिमांड भेजी गई थी। जिसकी अनुमति मिल गई है। जब तक भवन तैयार नहीं होते हैं तब तक किराए के मकान में उपकेंद्र संचालित किए जाएंगे। भवन बनते ही एएनएम सेंटर को उसी में सिफ्ट कर दिया जाएगा।
राजशेखर, डीपीएम