पीसीएफ के गोदामों ढाई करोड़ रुपये की डीएपी के घोटाले के बाद एक और घपला सामने आया है। गोदामों से करीब 397.89 मीट्रिकटन यूरिया भी गायब मिली है। डीएपी घोटाले के आरोपी भंडार नायक संतोष कुमार ने ही यूरिया को ठिकाने लगाया है। आठ साधन सहकारी समितियों के सचिवों की मिलीभगत से 23.56 लाख रुपये की यूरिया बाजार में बेच दी गई। डीएम ने यूरिया घपले में शामिल लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है।
पीसीएफ में ढाई करोड़ की डीएपी के घोटाले के मामले में पचास हजार के इनामी भंडार नायक संतोष कुमार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने इस खेल में आठ साधन सहकारी समितियों के सचिवों के साथ क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज संजीव कुमार और पूर्व जिला प्रबंधक धीरेंद्र कुमार के भी शामिल होने का दावा किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर दबिश भी दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। केवल एक साधन सहकारी समिति के सचिव को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज सकी।
उधर, डीएपी का घोटाला सामने आने के बाद डीेएम डॉ. नितिन बंसल ने छह सदस्यों की कमेटी बनाकर पीसीएफ बफर गोदाम में रखी यूरिया की बोरियों की भी गणना कराने के लिए कहा था। लगभग एक माह तक चली जांच के बाद शुक्रवार को खुलासा हुआ कि स्टॉक में रखी करीब 397.89 मीट्रिकटन यूरिया गायब है। पीसीएफ के अफसरों के मुताबिक, गायब यूरिया की कीमत 23.56 लाख रुपये है।
सूत्रों का कहना है कि इस खाद को बाजार में ब्लैक में बेचकर करोड़ों रुपये कमाए गए। जांच टीम में शामिल अधिकारियों के अनुसार पुलिस की गिरफ्त में आए भंडार नायक संतोष कुमार ने जिन अधिकारियों, कर्मचारियों और समितियों के सचिवों के नाम लिए हैं, वही यूरिया के घपले में भी शामिल हैं। सहायक निबंधक अरविंद प्रकाश की जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
पीसीएफ के जिला प्रबंधक दर्ज कराएंगे मुकदमा
डीेएपी के ढाई करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी भंडार नायक के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने वाले पीसीएफ के जिला प्रबंधक की तहरीर पर ही यूरिया घपले में भी मामला दर्ज किया जाएगा। डीएम के निर्देश के बाद शुक्रवार की शाम तक अफसर नगर कोतवाली में तहरीर देने की तैयारी कर रहे थे।
आरोपी सचिवों की नौकरी पर लटकी तलवार
खाद घोटाले में शामिल साधन सहकारी समितियों के सचिवों की नौकरी पर अब तलवार लटक रही है। पीसीएफ ने इन समितियों को खाद देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। भंडार नायक ने पुलिस की पूछताछ में जो खुलासा किया है, उसके मुताबिक, घपले में आशापुर, छेमरसरैया, सोनपुरा, गौरामाफी, नचरौला, पूरे हिरावन, नारायणपुर और लक्ष्मणपुर समितियों के नाम शामिल हैं।
खाली हो गए पीसीएफ के गोदाम
पीसीएफ के सभी गोदाम पूरी तरह खाली हो गए हैं। स्टॉक में रखी खाद की गणना शुक्रवार को पूरी हो गई। अब जिले में नई रैक आने पर ही स्टॉक को दुरुस्त किया जाएगा। एक माह की लंबी कवायद के बाद शुक्रवार को अफसरों ने राहत की सांस ली।
स्टॉक में रखी यूरिया की गणना पूरी होने पर पता चला कि 8842 बोरियां गायब हैं। जिसकी सरकारी दर 23.56 लाख रुपये है। जांच टीम की रिपोर्ट पर डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए आदेश दिया है। धनंजय तिवारी, जिला प्रबंधक, पीसीएफ