संग्रामगढ इलाके में डेंगू का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को मिले तीन डेंगू के रोगियों को इलाज चल ही रहा था कि बुधवार को एक और मरीज मिल गया। जिससे क्षेत्र में हड़कंप मचा है। लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए अधीक्षक से जवाब तलब किया है। वहीं डेंगू के भर्ती मरीजों को 24 घंटे के भीतर ही डाक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। अब जिले में डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 40 हो गई है।
संग्रामगढ़ के अशोग निवासी राम नरेश के बेटे अनमोल (14) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसने निजी पैथालाजी में बेटे की जांच कराई तो उसमें डेंगू की पुष्टि हुई। वह आननफानन में बेटे को लेकर सीएचसी पहुंचा तो डॉक्टरों ने पीड़ित को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। देर शाम उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया।
उधर मंगलवार को इलाके में मिले डेंगू से पीड़ित कोडरा खुर्द निवासी दीपक पटेल व कृष्णा और हिसामपुर निवासी प्रकाश पांडेय को पहले चिकित्सकों ने घर भेज दिया। बाद में खुद की गर्दन फंसती देख कागज पर रेफर कर दिया। स्वास्थ्य विभाग में चर्चा रही कि चार और डेंगू के केस प्रयागराज में मिले हैं।
लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही सीएमओ ने संग्रामगढ़ सीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है। सीएचसी अधीक्षक दिनेश सिंह ने कहा कि डेंगू पॉजिटिव जो भी मरीज आए थे उनके गांव में आसपास के 25 घरों में दवा का छिड़काव कराया गया और आसपास के लोगों की सैंपलिंग कराई जा रही है।