भगवान राम के भाई भरत के गले लगते ही पट्टी के तीन दिवसीय ऐतिहासिक दशहरा मेले का भरत मिलाप पूरा हुआ। अतिथियों सहित दर्शकों ने भी फूलों की वर्षा कर जयकारे लगाए। बैंड बाजे पर भगवान राम की आरती के समय जयकारे लगाए गए। हजारों की संख्या में दर्शक ऐतिहासिक भरत मिलाप के साक्षी बने।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती ने कहा, 113 वर्ष पुराना पट्टी का दशहरा मेला प्रतिवर्ष सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा हरिओम तिवारी एवं एसडीएम देश दीपक ने भी आयोजकों को बधाई दी। दर्शक सारी रात कस्बे की सड़कों पर चौकियों को निहारते रहे। कस्बे के सिविल लाइन मोहल्ले से रामदल, चौक से भरत दल तथा मेन रोड से हनुमान दल के अलावा जय मां संतोषी मंडल, शिव दल, जय मां काली दल एवं कृष्णा दल के नाम से चौकियां निकाली गईं।
नृत्य नाटिकाओं के जरिये कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। समिति के अध्यक्ष जुग्गी लाल जायसवाल, प्रमोद खंडेलवाल सुरेश जायसवाल, रमेश सोनी, राम प्रकाश जायसवाल, डॉ.केएल विश्वकर्मा, अवधेश सिंह, तहसीलदार मनोज राय, कोतवाल अर्जुन सिंह, एसडीओ एसबी प्रसाद, प्रमुख राकेश कुमार और पप्पू सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक जायसवाल, खेदन लाल जायसवाल आदि मौजूद रहे। संचालन रामचरित्र वर्मा ने किया।
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समिति की ओर से सहयोगियों का सम्मान
पट्टी। रामलीला समिति की ओर से पट्टी के तीन दिवसीय ऐतिहासिक दशहरा मेले के सहयोगी पूर्व मंत्री मोती सिंह समेत प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समिति के अध्यक्ष जुग्गी लाल जायसवाल ने एसडीएम देश दीपक, तहसीलदार मनोज राय, प्रमुख राकेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह, नायब तहसीलदार रामेश्वर तिवारी, पवन सिंह, एसडीओ विद्युत एस बी प्रसाद, कोतवाल अर्जुन सिंह, नगर पंचायत के ईओ समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को अंग वस्त्र एवं स्मृति देकर सम्मानित किया। संवाद
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मुग्ध करती रहीं धार्मिक प्रसंग पर आधारित नृत्य नाटिकाएं
पट्टी। पट्टी के दशहरा मेले में निकाली गईं चौकियों पर प्रयागराज से आए कलाकारों ने कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसे देखने रात दस बजे से कस्बे की सड़कों पर उमड़ी भीड़ भोर में भरत मिलाप संपन्न होने तक बरकरार रही। लोग कलाकारों का मंचन देखकर तालियां बजाते रहे। इस दौरान राम जन्म, सीता स्वयंवर, हनुमान की ओर से सीना फाड़कर भगवान का दर्शन कराने तथा मां दुर्गा की ओर सेेेेेेे महिषासुर वध, शिव तांडव, समेत तमाम प्रसंग पर नृत्य नाटकों के जरिये दर्शकों का मनोरंजन किया। मेले में पुलिस बल तैनात किया गया था। कस्बे में चार पहिया तथा दो पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहा। संवाद
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