मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार दोपहर बाइक से पहुंचा एक व्यक्ति मोबाइल से लोगों की बाइकों का ई-चालान करने लगा। वह कर्मचारी गुलाबचंद्र की बाइक का भी चालान करने लगा। शंका होने पर कर्मचारी ने उससे पूछताछ शुरू कर दी।
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में बुधवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बाइक का चालान करने का आरोप लगाते हुए लोगों ने कथित एआरटीओ को पकड़ लिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे पूछताछ के लिए कोतवाली ले गई। वह कृषि विभाग का कर्मचारी निकला। पुलिस के मुताबिक वह पहले चित्रकूट में तैनात था।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार दोपहर बाइक से पहुंचा एक व्यक्ति मोबाइल से लोगों की बाइकों का ई-चालान करने लगा। वह कर्मचारी गुलाबचंद्र की बाइक का भी चालान करने लगा। शंका होने पर कर्मचारी ने उससे पूछताछ शुरू कर दी। इस पर उसने खुद को एआरटीओ बताया। उसने परिवहन विभाग से निर्गत पास भी लोगों को दिखाया।
कथित एआरटीओ पर शंका होने के बाद लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ के बाद अस्पताल चौकी के पुलिसकर्मियों ने उसे कोतवाली भेजा। जहां पूछताछ के बाद उसने खुद को कृषि विभाग का कर्मचारी बताया। साथ ही यह जानकारी भी दी कि पहले वह चित्रकूट जनपद में परिवहन विभाग में लिपिक रह चुका है। हकीकत का पता करने के लिए पुलिस ने कृषि विभाग के अफसरों को कोतवाली बुलाया।
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पुलिस की पूछताछ में उसने अपना नाम राकेश कश्यप और कृषि विभाग का कर्मचारी बताया। नगर कोतवाल ने बताया कि वह दवा लेने गया था। कुछ लोगों की गलतफहमी का वह शिकार हो गया। मामले में कार्रवाई के बारे में पुलिस गोलमोल जवाब देती रही।