मानधाता के पूरे लाल अचीतपुर के सुरेंद्र प्रताप की करतूत से हैरत में ग्रामीण, एमबीए तक की है पढ़ाई
तीन साल में खरीदीं लाखों की लग्जरी कारें, पत्नी है प्राइमरी में शिक्षिका
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। 700 बेरोजगारों से दो करोड़ हड़पने वाले मानधाता के अचीतपुर पूरे लाल गांव के सुरेंद्र प्रताप सिंह की करतूत से गांव के लोग हैरत में हैं। वह करीब सात साल पहले नोएडा गया था। तीन साल पहले लखनऊ आकर रहने लगा। उसकी ठाठ बाठ देखते ही बनते थे। तीन साल में तीन लग्जरी कारें खरीदी हैं।
अचीतपुर पूरे लाल के रहने वाले महेेंद्र सिंह का मझला बेटा सुरेंद्र प्रताप सिंह ने एमबीए तक की पढ़ाई की है। बड़ा बेटा उमेश सीआरपीएफ में नौकरी करता है। छोटा बेटा सूरज घर में गृहस्थी संभाल रखा है। ग्रामीणों के अनुसार पट्टी कोतवाली में एक विवाद के बाद सुरेंद्र प्रताप सिंह घर से फरारी काट बैठा। चार साल तक नोएडा में रहा और बाद में लखनऊ के ओम प्लाजा 345-103, 19 इंदिरा नगर में अपना आशियाना बना लिया।
इस दौरान सुरेंद्र अपने साथियों के साथ बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने लगा। सोमवार देर रात एसटीएफ ने सुरेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान सभी ने बताया कि वह लोग इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेरोजगारों के नंबर पता कर लेते थे, फिर उन्हें फोन कर नौकरी दिलाने के नाम पर दो-तीन बार में किसी से 50 हजार तो किसी से एक लाख रुपये तक वसूलते थे।
सुरेंद्र के करतूत की जानकारी गांव के लोगों को हुई तो हर कोई हैरत में पड़ गया। उसकी पत्नी सुल्तानपुर में प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका है। ग्रामीणों के अनुसार जब कभी सुरेंद्र घर आता था तो लग्जरी कार लेकर आता था। तीन साल में उसने होंडा सिटी, थार समेत तीन महंगी कार खरीदी हैं। मानधाता थानाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने बताया कि सुरेंद्र के बारे में छानबीन की जा रही है। उसके संपर्क में जिले के कितने लोग थे।