तीनों में थी गहरी दोस्ती, एक साथ रोज जाते थे मवेशी चराने
बताया जाता है कि तीनों में गहरी दोस्ती थी और वह प्रतिदिन अपने मवेशी को नदी के किनारे नहालाने ले जाते थे, लेकिन शनिवार को वह मवेशी नहीं ले गए। तीनों नहाने के लिए नदी में चले गए। किसी को भी तैरना नहीं आता था।
गुफरान थाना क्षेत्र के जगदीशगढ गांव निवासी मुस्तकीम का बेटा था जो अपने ननिहाल इब्राहिम सूबेदार की बेटी का बेटा था अक्सर जलालपुर में ही रहता था। सलीम एक माह पूर्व सूरत से घर आया था। गुजरात के सूरत शहर में गैराज में काम सीख रहा था। गुफरान गांव के समीप एक मस्जिद में रमजान में तरावीह पढ़ाता था।
स्थानीय गोताखोरों की रही चर्चा
सई नदी मैं नहाने के दौरान तीन दोस्तों के डूबने की जानकारी स्थानीय गोताखोरों को हुई तो एक दर्जन से अधिक गोताखोर सई नदी में कूदकर दोनों दूबे युवकों को तलाश करने लगे। दो घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव को गोताखोरों ने बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की। स्थानीय गोताखोरों के इस कार्य से लोगों ने काफी सराहा।