पीसीएफ के फरार भंडार नायक ने जिला जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल किया है। सोमवार को कोर्ट में बहस होनी थी, मगर शोकावकाश होने के कारण जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए दस दिसंबर की तिथि निश्चित की है।
ढाई करोड़ रुपये की डीएपी बेचकर फरार होने वाला भंडार नायक कहीं नहीं गया है, बल्कि जिले में मौजूद रहकर जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल किया है। 22 नवंबर को अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने वाले भंडार नायक के अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, मगर सोमवार को अधिवक्ताओं के शोक प्रस्ताव देकर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इससे भंडार नायक की अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी।
कोर्ट ने दस दिसंबर की तिथि निश्चित किया है। फरार भंडार नायक ने जमानत प्रार्थना पत्र में अपने को निर्दोष बताते हुए जांच में पूरा सहयोग करने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल किया है। बीते 12 नवंबर को पीसीएफ जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने नगर कोतवाली में भंडार नायक संतोष कुमार के खिलाफ ढ़ाई करोड़ रुपये की डीएपी बेंचकर फरार होने का आरोप लगाया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद भंडार नायक फरार चल रहा है।
परिजनों के बंद हुए मोबाइल
फरार भंडार नायक संतोष कुमार का फोन बंद होने के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया है। हालांकि भंडार नायक ने नया मोबाइल नंबर ले लिया है। जिससे वह अपने करीबियों से लगातार संपर्क में है। मगर विभागीय अधिकारी और पुलिस खोजने में फेल हो गई है।