जिले में चार साल की लंबी कवायद के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को एक बार फिर गति दी गई है। 17 विकास खंडों की 97 सड़कों का चयन करते हुए 217 किमी सड़क बनाने पर सरकार ने मंजूरी देते हुए बजट जारी किया है। विधानसभा चुनाव से पहले इन सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी है।
जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पिछले चार साल से पूरी तरह ठप थी। इस योजना के तहत बनाया गया लोक निर्माण विभाग का अलग खंड अयोध्या शिफ्ट कर दिया गया है। इससे जिले में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती दूसरे जिले में करते हुए विभागीय योजनाओं को ग्राम्य विकास विभाग से जोड़ दिया गया है। जिले में आरईएस को इन चयनित सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले के 17 विकास खंडों की 97 सड़कों का चयन करते हुए 217 किमी सड़क का निर्माण कराने की मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार ने 364.45 करोड़ रुपये का बजट जारी कर सड़कों का निर्माण अविलंब प्रारंभ करने को कहा है। विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने विधायकों और सांसदों के प्रस्तावों पर मुहर लगा दिया है। जिन सड़कों को मंजूरी दी गई है, उसमें अधिकांश ग्रामीण इलाके की सड़कें हैं।
इसमें कोई नई सड़क का निर्माण नहीं होना है, बल्कि पूर्व में साढ़े पांच मीटर बनी सड़कों को सात मीटर करने के साथ ही सड़कों को हॉटमिक्स प्लान से बनाया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से शहर और गांव की दूरी कम होने के साथ ही किसान शहरों के मंडियों में अपना उत्पात बेच सकेंगे।
पांच साल तक मरम्मत की जिम्मेदारी निभाएंगे ठेकेदार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्मित होने वाली सड़कों को पांच साल तक वही ठेकेदार मरम्मत कराएगा, जो सड़क का निर्माण कराएगा। इसलिए सड़क का निर्माण कराने वाले ठेकेदार को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखना होगा। अगर सड़कों के निर्माण में अनियमितता बरती जाती है,तो उसका बांड निरस्त कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 217 किमी सड़क का निर्माण कराने की मंजूरी मिली है, जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। विभाग को पहली बार पीएमजीएसवाई के तहत सड़क बनाने की जिम्मेदारी मिली है।
विकास अग्रवाल, अधिशाषी अभियंता, आरईएस