कुंडा। रेलवे के रिकार्ड में कुंडा को आदर्श स्टेशन का दर्जा मिला हुआ है। इसके बावजूद गर्मी में पानी के लिए यात्रियों को हैंडपंप पर मारामारी करनी पड़ती है। न तो बैठने का समुचित प्रबंध है और न ही रोशनी का। इससे रात में ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को उचक्के अपना शिकार बना लेते हैं।
सांसद शैलेंद्र कुमार के प्रयास से कुंडा को आदर्श स्टेशन की सूची में शामिल किया गया। इलाके के लोगों को लगा कि स्टेशन अब बड़े शहरों के लुक में दिखेगा और यात्रियों की सुविधाओं में भी इजाफा होगा। कुंभ मेले के दौरान यात्रियों की सहूलियत के लिए रेल प्रशासन ने स्टेशन की दशा सुधारने की कवायद शुरू की लेकिन माघ मेला समाप्त होते ही सब बंद हो गया। स्टेशन पर हुए कार्य भी यात्रियों को मुंह चिढ़ाने लगे। अब तो हालत यह हो गई है कि यात्रियों को पीने के पानी के लिए भी मारामारी करनी होती है। गर्मी में ट्रेन रुकते ही यात्री पीने के पानी के लिए प्लेटफार्म पर स्थित पेयजल की टोटी पर टूट पड़ते हैं लेकिन अधिकांश समय उसमें से पानी नहीं गिरता। हैंडपंप पर पानी भरने के लिए यात्रियों के बीच धक्कामुक्की होती है। स्टेशन पर बैठने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। प्लेटफार्म पर लगे कई पंखे शोपीस बने हुए हैं। सूरज ढलते ही अंधेरे से वीरानी छा जाती है। ट्रेन आने के बाद ही चहल-पहल होती है लेकिन मौके की फिराक में बैठे उचक्के यात्रियों का सामान ही पार कर देते हैं। अंधेरा रहने के कारण कर्मचारी भी अपने कार्यालयों में ही अधिकांश समय ड्यूटी देकर व्यतीत करते हैं। सुरक्षा का भले ही आरपीएफ और जीआरपी के अफसर दावा करें लेकिन हकीकत कुछ और ही है। रात में तो छोड़िए दिन में ही यात्रियों का टिकट चेक करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती। लोग बेधड़क स्टेशन पर बाइक लेकर फर्राटा भरते नजर आते हैं। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक का कहना है कि स्टेशन पर यात्रियों की सहूलियत के लिए निर्माण कार्य प्रगति पर है। जल्द ही स्टेशन पर यात्रियों को हर सुविधाएं मिलेंगी।
स्टेशन के इर्द-गिर्द नशेड़ियों का कब्जा है। वह सुनसान पाकर प्लेटफार्म के किनारे वाले छोर पर नजर आते हैं। मादक पदार्थों का सेवन करने के बाद वह हंगामा भी करते हैं लेकिन उन पर कार्रवाई का साहस कोई नहीं दिखा पाता। नजदीक की बाग में जुआरियों का आतंक लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। दिन में बाग में जमकर जुआ होता है। सिविल और रेलवे पुलिस दोनों मामले से वाकिफ है लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिफर है।