फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजा के इर्द-गिर्द कस रहा सीबीआई का शिकंजा

Wed, 03 Apr 2013 05:30 AM IST
Pratapgarh
विज्ञापन
विज्ञापन
कुंडा। कुंडा कांड की जांच पूर्व मंत्री राजा भैया के इर्द गिर्द ही घूम रही है। सीबीआई अब तक राजा भैया से मुखातिब नहीं हुई लेकिन जांच का दायरा उनके करीबियों पर ही टिका है। मंगलवार को अफसरों ने राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव और चालक रोहित सिंह से लंबी पूछताछ की। इस बीच राजा भैया के करीबी चेयरमैन कुंडा गुलशन यादव से दोनों का आमना-सामना कराया गया। सीबीआई के सवालों से सभी के होश उड़े रहे। रात में सभी को सीबीआई ने वापस भेज दिया। अब सीबीआई इन तीनों के बयानों को क्रास चेक कर रही है।
विज्ञापन

डीएसपी जियाउल हक समेत तीन हत्याओं की जांच में जुटी सीबीआई ने मंगलवार को पूर्व मंत्री विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम श्रीवास्तव और चालक रोहित सिंह को कुंडा कैंप कार्यालय में तलब किया। दोनों के ऊपर सीओ की बीवी परवीन की तहरीर पर हथिगवां थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज है। दोनों करीब 10 बजे ही कार्यालय पहुंच गए। सीबीआई अफसरों ने पूछताछ शुरू की। इसी दौरान कुंडा के चेयरमैन गुलशन यादव को भी तलब किया गया। तीनों लोगों को आमने सामने कर टीम के सदस्यों ने सवाल पर सवाल दागे। करीब दो घंटे बाद गुलशन को सीबीआई टीम ने वापस भेज दिया। इसके बाद हरिओम और रोहित को अलग-अलग कर पूछताछ होने लगी। सूत्रों के मुताबिक, तीनों से पूछा गया कि बलीपुर की घटना के बाद उन लोगों ने सबसे पहले किसे सूचना दी। किससे-किससे बात हुई। वे बलीपुर गांव कितने बजे पहुंचे। प्रधान के परिवार वाले उस समय किस हालत में थे। उनकी मौजूदगी में सीओ और सुरेश की हत्या किसने की। उन लोगों को कामता और नन्हे के विवाद की जानकारी यदि पहले से थी तो उनके स्तर से मामले के निपटाने की पहल की गई कि नहीं। राजा भैया के सामने दोनों के मामले पेश हुए थे कि नहीं। गुड्डू और नन्हे यादव दोनों ही राजा भैया के करीबी थे तो विवाद का निपटारा आखिर क्यों नहीं हो सका। सवालों के तीर उन्हें ऐसे चुभ रहे थे कि वे पसीने से तर-बतर हो गए। देर शाम तक टीम के लोग दोनों से पूछताछ करते रहे। टीम के लोगों ने बलीपुर गांव के वीरेंद्र पटेल को शाम को बुला लिया। उससे भी राजा भैया के करीबियों का आमना सामना कराया गया। प्रधान के भाई पवन के आरोप में कितना दम है। इस बाबत भी टीम ने हरिओम और रोहित से पूछा। इसकेबाद रात में तीनों को जाने दिया गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें